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Gorakhpur News: कोहरे में संभल कर चलिए...बढ़ गए हैं हादसों की जगह

Mon, 04 Dec 2023 03:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 04 Dec 2023 03:55 PM IST
सार

एसपी ट्रैफिक श्याम देव ने कहा कि यातायात माह में लोगों को जागरूक किया जाता है कि वह नियमों का पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वालों का चालान काटा जाता है, ताकि सुधार हो, लेकिन जब इसकी अनदेखी की जाती है तो हादसे होते हैं।

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Be careful in fog...the number of accidents has increased
गोरखपुर में छाई धुंध। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में चौड़ी सड़कों पर सरपट दौड़ती गाड़ियों के बीच ही हादसों की संख्या भी बढ़ गई है। जिले के सर्वाधिक हादसों वाले ब्लैक स्पॉट की संख्या अब 15 हो गई है, जो पिछले साल तक 12 थीं। इसमें शहर के भी तीन जगहों को शामिल किया गया है, जहां पर रफ्तार जिंदगी पर भारी पड़ रही है।

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यातायात माह में पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया और इन्हीं जगहों पर सुधार की कोशिश भी की है। कई जगहों पर संकेतक भी लगा दिए गए हैं, लेकिन अब भी लोग उसकी अनदेखी कर रहे हैं और हादसों में जान जा रही है। यह हाल तब है, जब अभी कोहरा भी नहीं है। कोहरा के समय इन अंधे मोड़ और कट के आगे अगर खुद संभल कर नहीं चले तो जान जोखिम में पड़ सकती है।
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जानकारी के मुताबिक, जिले में आए दिन सड़क हादसे के मामले सामने आ रहे हैं। शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता है, जिस दिन कोई सड़क हादसे में घायल न होता हो या फिर जान न गंवा देता हो। इसे लेकर ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती भी की, हेलमेट, सीट बेल्ट पर जोर दिया गया, लेकिन आज भी हादसों में सामने आता है, इसका इस्तेमाल लोग सिर्फ पुलिस से चालान बचाने को करते हैं।
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हाईवे पर दो पहिया से चलते वक्त सिर पर या तो हेलमेट होता नहीं है या फिर घटिया क्वालिटी का होता है, जो टूट जाता है और जान चली जाती है। वहीं, कार के हादसों में सामने आता है कि रफ्तार तेज थी, लेकिन सीट बेल्ट न होने की वजह से एयरबैग नहीं खुल पाता है।

अब जब शहर में निर्माण काम चल रहा है तो हादसे की संभावना और बढ़ जाती है। क्योंकि जितने जगहों पर काम चल रहा है, वहां पर कोई संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। सड़क किनारे ही गड्ढे हैं, जिस पर अगर आप रोज नहीं चलते हैं तो हादसा होना तय है।

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इन ब्लैक स्पॉट पर इस वजह से होते हैं हादसे

  • नौसढ़ तिराहा: वाराणसी, लखनऊ व शहर की तरफ से आने वाली सड़क यहीं मिलती है। तीव्र मोड़ और छोटे डिवाइडर होने की वजह से हादसे होते हैं।
  • गीडा में दाना-पानी: हाईवे से तेज गति से भारी वाहन नीचे उतरते हैं। भारी वाहन उतरने की जगह पर ही सड़क पार करने का कट है। इसके कारण दुर्घटना होती है।
  • कालेसर: गोरखपुर से लखनऊ की ओर जाने वाले वाहन एवं लखनऊ की तरफ से कुशीनगर एवं बिहार जाने वाले वाहन एक-दूसरे को क्रॉस कर आगे बढ़ पाते हैं, जिससे हादसे होते हैं।
  • बोक्टा : एरिया में छोटा बाजार का क्षेत्र है। जहां ग्रामीण क्षेत्र के लोग पैदल एवं साइकिल से आते हैं। सड़क पार करने में अक्सर हादसे हो जाते हैं।
  • कसरौल : ग्रामीण क्षेत्र है, साइकिल से चलने वाले एवं सड़क पार करने वाले अक्सर हादसे के शिकार होते हैं।
  • भीटी रावत : शहर से लखनऊ जाने वाले वाहन एवं सोनौली की तरफ से आने वाले भारी वाहन दोनों एक ही साइड में लेफ्ट लेन में लखनऊ जाने के लिए मिलते हैं। दोनों तरफ से आने वाले वाहन गति अधिक होने के कारण हादसे का शिकार होते हैं।
  • कोनी : वाहन को उतरने एवं चढ़ने के लिए किसी प्रकार का कोई अंडरपास या ओवरब्रिज नहीं है। इस कारण हाईवे पर चढ़ते उतरते समय वाहन तेज गति होने के कारण हादसे होते हैं।
  • महावनखोर : हाईवे से सटा हुआ ग्रामीण क्षेत्र है। सड़क पार करने में दुर्घटना हो जाती है।
  • रामनगर कड़जहां :कुशीनगर एवं बिहार की तरफ से आने वाले वाहन जब हाईवे से उतरते हैं तो पुलिस चौकी के पास कट के सामने गोरखपुर से देवरिया जाने वाले वाहन एक-दूसरे को क्रॉस करते हैं, जिससे हादसे होते हैं।
  • मोतीराम अड्डा: अक्सर ओवर स्पीड के कारण हादसे होते हैं।
  • बेलीपार बगहा बाबा: निर्माण काम चल रहा है और तेज रफ्तार की वजह से हादसे हो रहे हैं।
  • पैडलेगंज तिराहा: नौका विहार से तेज रफ्तार वाहन आते हैं। यहां तिराहा है और वर्तमान में निर्माण की वजह से सिग्नल हटाए गए हैं।

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यह हैं हादसों के प्रमुख कारण
  • हेलमेट, सीट बेल्ट न होने की वजह से
  • ड्राइवर की लापरवाही से
  • सड़क पर निर्माण कार्य होने की वजह से
  • असावधान मोड़ की वजह से
  • वाहन की खराबी से
  • ब्लाइंड मोड़ की वजह से
  • धूल-कोहरा की वजह से
  • लंबी दूरी व चालक की बेचैनी से
  • अचानक ब्रेक मारने की वजह से
  • अचानक सामने जानवर आने की वजह से
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एसपी ट्रैफिक श्याम देव ने कहा कि यातायात माह में लोगों को जागरूक किया जाता है कि वह नियमों का पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वालों का चालान काटा जाता है, ताकि सुधार हो, लेकिन जब इसकी अनदेखी की जाती है तो हादसे होते हैं। लोग नियमों का पालन करें तो हादसों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
 
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