अयोध्या में श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारी अंतिम चरण में है। यह अद्भुत संयोग है कि जिस मंदिर का निर्माण प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में हो रहा है उसी श्रीराम मंदिर आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाने में गोरक्षपीठ की अहम भूमिका रही।
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श्रीरामंदिर आंदोलन : संकल्प सभा से गोरक्षपीठ ने संभाली मंदिर आंदोलन की कमान
Mon, 03 Aug 2020 11:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2020 11:48 AM IST
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बाबा गोरखनाथ की आरती करते सीएम योगी। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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ayodhya
- फोटो : social media
1984 में अयोध्या के सरयू तट पर हुई संकल्प सभा में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने भारी संख्या में मौजूद संतों के साथ सरयू नदी के जल और रेत को लेकर मंदिर निर्माण का संकल्प लिया। संतों ने उन्हें श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ संघर्ष समिति का अध्यक्ष चुना और तभी से संत समाज की ओर से मंदिर आंदोलन की कमान उन्होंने संभाली।
अयोध्या
- फोटो : amar ujala
देशभर के साधु-संतों में महंत अवेद्यनाथ की लोकप्रियता बहुत थी। उनके एक आदेश पर संत समाज कुछ भी करने को तत्पर था। विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष शिवजी सिंह कहते हैं, महंत अवेद्यनाथ ने भी अयोध्या के महंत रामचंद परमहंस और विहिप प्रमुख अशोक सिंघल के साथ मंदिर आंदोलन का दायरा बढ़ाया।
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अयोध्या
- फोटो : amar ujala
उस दौरान आचार्य गिरिराज किशोर, चंपत राय आदि प्रमुख नेताओं का दौरा गोरखपुर लगातार होता रहा। विहिप की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक अप्रैल 1991 में पहली बार गोरखपुर में आयोजित हुई। मंदिर आंदोलन को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। इसके बाद कभी यह बैठक गोरखपुर में नहीं हो सकी।
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देवरहा बाबा
सिंघल के सामने देवरहा बाबा ने की भविष्यवाणी, जो सच हुई
उपाध्यक्ष गोरक्ष प्रांत विहिप शिवजी सिंह ने बताया कि दुनिया भर के लाखों लोगों के प्रेरणास्रोत पूज्य देवरहा बाबा दूरद्रष्टा थे। श्रीराम मंदिर आंदोलन के दौरान ही विश्व हिंदू परिषद के प्रमुुख अशोक सिंहल उनके दर्शन को गए। अशोक सिंघल ने उनसे मंदिर निर्माण के बारे में पूछा तो देवरहा बाबा बोले, बच्चा, चिंता मत कर।
उपाध्यक्ष गोरक्ष प्रांत विहिप शिवजी सिंह ने बताया कि दुनिया भर के लाखों लोगों के प्रेरणास्रोत पूज्य देवरहा बाबा दूरद्रष्टा थे। श्रीराम मंदिर आंदोलन के दौरान ही विश्व हिंदू परिषद के प्रमुुख अशोक सिंहल उनके दर्शन को गए। अशोक सिंघल ने उनसे मंदिर निर्माण के बारे में पूछा तो देवरहा बाबा बोले, बच्चा, चिंता मत कर।
लाखों लोग आएंगे और गुंबद की एक-एक ईंट उठाकर ले जाएंगे। राममंदिर के निर्माण को दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकेगी। उस दौरान बाबा की कही बातों पर किसी को विश्वास नहीं हुआ। लेकिन छह दिसंबर 1992 को सचमुच वैसा ही हुआ, जिसकी उन्होंने भविष्यवाणी की थी। देश भर से आए लाखों कारसेवक बाबरी ढांचे की ईंट उठाकर ले गए।