UP Crime: गोरखपुर डीएम के प्रशासनिक अधिकारी से ठगी की कोशिश, साइबर ठगी का नया तरीका आया सामने
साइबर जालसाज बिजली बिल जमा करने का मोबाइल पर भेज रहे मैसेज, साइबर ठगी का नया तरीका आया सामने, विभाग ने सतर्क रहने की उपभोक्ताओं से की अपील।
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साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है। ठग अब बिजली उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे हैं। जिलाधिकारी के नाम से साइबर फ्राड ने पहले रुपये की मांग की तो दूसरी तरफ उनके प्रशासनिक अधिकारी के पास बिजली बिल जमा करने के नाम से मैसेज आ गया। मैसेज के साथ दिए गए नंबर संपर्क न करने पर कनेक्शन काटने की बात कही गई।
मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने ऐसे 10 अंकों के नंबरों से मैसेज आने पर उपभोक्ता को वर्चुअल भुगतान करने से रोका है। सीधे खंड या उपखंड दफ्तर पर आकर बिल निकलवाने और जमा करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि साइबर जालसाज इस समय ठगी करने के लिए लोगों के फोन नंबरों पर टेक्स्ट मैसेज भेज रहे हैं, जिसमें उपभोक्ताओं से कहा जाता है कि, आपका बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा, क्योंकि आपके पिछले महीने का बिल अपडेट नहीं हुआ है।
इसके साथ एक फोन नंबर भी दिया जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इन जालसाजों द्वारा दिए गए निर्देश का पालन कर जानकारी शेयर करता है, तो उसका बैंक खाता जालसाज के नियंत्रण में आ जाता है और वह ठगी का शिकार हो जाता है।
मुख्य अभियंता ने बताया कि बिजली बिलों के संबंध में वाले किसी संदेश पर कोई प्रतिक्रिया न करें। अगर कनेक्शन काटने संबंधी कोई संदेश मिलता है, तो अपने नजदीकी बिजली दफ्तर में संपर्क करें।
केस एक
6295012905 नंबर से डीएम के प्रशासनिक अधिकारी गिरीश सिंह के व्हाट्सएप पर बिल अपडेट नहीं होने पर रात 9:30 बजे बिजली काट देने का मैसेज किया गया। बिल जमा होने के बाद भी आए ऐसे मैसेज को उन्होंने अधिशासी अभियंता टाउनहाल को भेजा। अधिशासी अभियंता ने इस मैसेज का जवाब देने से मना कर दिया।
केस दो
9163514491 नंबर से एक उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप कर मैसेज भेजा गया। लिखा था कि पिछले महीने का बिल जमा नहीं होने से उनके बिजली का कनेक्शन रात 8:30 बजे तक काट दिया जाएगा। मैसेज से परेशान उपभोक्ता ने मामले की शिकायत अधिशासी अभियंता से की।
पुलिस कर्मी से ठगी
गोरखपुर के खोराबार इलाके के सूबाबाजार निवासी रिटायर्ड दरोगा फूलबदन द्विवेदी के साथ जालसाजी हुई है। उनके खाते से जालसाजों ने 20 लाख 23 हजार रुपये निकाल लिए। जालसाजों ने उनके साथ यह ठगी सीओ ट्रेजरी आफिसर बनकर की है।
फूलबदन द्विवेदी बीते 31 मई 2022 को संतकबीरनगर जिले से रिटायर्ड हुए हैं। वे रिटायरमेंट से पहले संतकबीरनगर के घनघटा थाने में तैनात थे। उनके खाते में उनके पीएफ व रिटायमेंट का पैसा आया था। एसएसपी डॉ विपिन ताडा के पास शिकायत लेकर पहुंचे फूलबदन ने बताया कि 12 जून 2022 को उनके मोबाइल नंबर 9695286801, 7864073605 नंबर से काल आया। काल करने वाले ने अपना नाम अभिषेक श्रीवास्तव बताया।
उसने कहा कि वह सीओ ट्रेजरी आफिस बोल रहा है। पेंशन अपडेट कराने के नाम पर उसने खाते का डिटेल आदि जान लिया। इसके बाद जालसाजों ने खाते से 20 लाख 23 हजार रुपये निकाल लिया है।