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एक्यूआई 177: मार्निंग वॉक से करें परहेज...वरना हो जाएंगे बीमार

Wed, 12 Nov 2025 02:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Nov 2025 02:06 AM IST
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AQI 177: Avoid morning walks...or you might get sick
सड़क पर उड़ रही धूल।
गोरखपुर। शहर में प्रदूषण का स्तर ज्यादातर समय तक 100 या उससे अधिक रह रहा है, मगर मंगलवार को अब तक के रिकॉर्ड टूट गए। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) अधिकतम 177 दर्ज किया गया। शहर में हो रहे निर्माण कार्यों के कारण उड़ती धूल, वाहनों से निकलने वाले धुएं और ओस को इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सेहत के लिए यह ज्यादा खतरनाक है। उन्होंने मार्निंग वॉक से परहेज करने की भी सलाह दी है।
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शहर में वर्तमान समय में कई जगहों पर निर्माण और विकास कार्य हो रहे हैं। देवरिया बाईपास रोड से टीपीनगर तक बन रहे फ्लाईओवर समेत कई जगहों पर सड़कों के निर्माण कार्य हो रहे हैं। दिवाली के समय एक्यूआई बढ़ने के बाद बारिश से यह सामान्य हो गया था। इसके बाद फिर अचानक एक्यूआई का ग्राफ बढ़ा है।
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सर्दी के मौसम में अलग-अलग कारणों से एक्यूआई बढ़ने की आशंका रहती है। इस बीच सहालग के कारण शहर में खरीदारी करने आने वाले लोगों के वाहनों के कारण धूल और धुआं दोनों फैल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है 100 से 150 के बीच एक्यूआई खराब श्रेणी में माना जाता है। इसी तरह 150 से 200 के बीच एक्यूआई को स्वास्थ्य के लिए बेहद खराब माना जाता है।
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पर्यावरणविद् डॉ. एसएन विश्वकर्मा बताते हैं- ठोस और तरल कणों और हवा में मौजूद कुछ गैसों के कारण एक्यूआई बढ़ता है। ये कण और गैसें कार और ट्रक के धुएं, कारखानों, सड़क निर्माण के कारण धूल और पराली जलाने के कारण प्राय: अधिक आते हैं। वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, एलर्जी, साइनस, फेफड़ों का संक्रमण, फेफड़ों का कैंसर, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और वातस्फीति जैसी बीमारियों की आशंका रहती हैं।



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सांस लेने और आंखों में जलन की शिकायत



हाल के दिनों में सांस लेने और आंखों में जलन की शिकायत लेकर लोग अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. वीके सुमन ने बताया कि वायु प्रदूषण की स्थिति हो तो बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। संक्रमण, अस्थमा और हृदयरोगियों को भी सतर्क रहना चाहिए।




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नवंबर में औसतन एक्यूआई 56 प्रतिशत



एमएमएमयूटी स्थित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परियोजना के सहायक वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ यादव ने बताया कि अक्तूबर महीने में औसतन एक्यूआई 78.23 दर्ज किया गया था। नवंबर में अब तक औसतन एक्यूआई 55.55 दर्ज किया गया है। एमएमएमयूटी परिसर, गोलघर और गीडा से ये आंकड़े रिकॉर्ड किए गए हैं।
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