एप का झटका: 13 मिनट पहले पहुंच गई वैशाली ट्रेन...यात्रियों ने लगाई दौड़
29 अक्तूबर को वैशाली सुपरफास्ट एक घंटा 52 मिनट और 28 अक्तूबर को दो घंटे 36 मिनट लेट थी, लेकिन एक नवंबर को यह ट्रेन गोरखपुर जंक्शन पर 4.45 के बजाय 4.32 बजे ही पहुंच गई। इसके चलते देर से स्टेशन पहुंचे यात्रियों को प्लेटफार्म नंबर एक की तरफ दौड़ लगानी पड़ी।
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यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने अपनी तमाम सेवाएं ऑनलाइन कर दी हैं। यहां तक कि ट्रेन की एक-एक मिनट की लाइव लोकेशन देखी जा रही है। लेकिन, साइट पर इस कदर भरोसा कभी-कभी धोखे का सबब भी बन सकता है।
ऐसा ही कुछ बुधवार को गोरखपुर स्टेशन पर वैशाली एक्सप्रेस के साथ दिखा। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर वैशाली एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 13 मिनट पहले ही पहुंच गई। इससे यात्री झटका खा गए और दौड़ लगानी पड़ गई। वहीं, यात्री मोबाइल पर जननायक को ढूंढते रह गए पर नहीं दिखी। एनईआर के कई स्टेशनों पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते आवागमन प्रभावित है।
कई ट्रेनों का रूट डायवर्जन हुआ है। वहीं, कुछ काॅसन पर चलाई जा रही हैं। गोरखपुर-छपरा ट्रैक पर डायवर्जन के चलते गोरखपुर-नरकटियागंज रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ी है। यह सिंगल ट्रैक भी है। इस वजह से ट्रेनें लेट हो जा रही हैं।
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29 अक्तूबर को वैशाली सुपरफास्ट एक घंटा 52 मिनट और 28 अक्तूबर को दो घंटे 36 मिनट लेट थी, लेकिन एक नवंबर को यह ट्रेन गोरखपुर जंक्शन पर 4.45 के बजाय 4.32 बजे ही पहुंच गई। इसके चलते देर से स्टेशन पहुंचे यात्रियों को प्लेटफार्म नंबर एक की तरफ दौड़ लगानी पड़ी।
रेल यात्री चंद्रबली यादव ने कहा कि वैशाली एक्सप्रेस का लाइव लोकेशन चेक किया तो उस पर ट्रेन राइट टाइम यानी 4.45 बजे स्टेशन पर आना दिखा रहा था। मैं बस स्टेशन था, आराम से पहुंचा तो पता लगा कि ट्रेन पहले से ही स्टेशन पर खड़ी है।
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रेल यात्री प्रभु सिंह ने कहा कि मैं स्टेशन पर ही था। मोबाइल में ट्रेन का लोकेशन चेक किया तो अभी 15 मिनट बाद वैशाली को स्टेशन पर पहुंचना था। इसलिए मैं बाहर कुछ सामान लेने चला गया। इसी दौरान ट्रेन के स्टेशन पर आने की सूचना प्रसारित हुई तो वापस दौड़कर प्लेटफार्म पर आया।
सीपीआरओ-एनईआर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ट्रेन रनिंग के संबंध किसी भी प्रकार की अधिकृत जानकारी रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से अथवा नेशनल ट्रेन इनक्वायरी सिस्टम नामक वेब पोर्टल या एनटीईएस मोबाइल ऐप से प्राप्त की जा सकती है। कोई भी ट्रेन निर्धारित प्रस्थान समय से पहले नहीं चलती है। स्टेशन पर भगदड़ से बचने के लिए निर्धारित समय से पहले प्लेटफार्म पर पहुंचना बेहतर होता है।
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एप के भरोसे रहे तो छूट जाएगी बस
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इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति ने दावा कि था कि इलेक्ट्रिक बसों की लाइव लोकेशन यात्रियों का मोबाइल चलो एप पर मिलेगी। इससे उन्हें बसों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वह समय से पहुंचकर स्टॉपेज बस को पकड़ सकेंगे। जिम्मेदारों ने एप की सुविधा तो शुरु कराई, लेकिन इससे यात्रियों कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि उन्हें एप पर बसों की लाइव लोकेशन सही नहीं मिल पा रही है। इससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गोलघर काली मंदिर पर बस का इंतजार कर रहे यात्री अक्षत ने बताया कि एप पर 10 मिनट पहले ही बस की जानकारी मिली थी। लेकिन, बस का इंतजार करते हुए 20 मिनट हो गया, लेकिन बस अबतक नहीं आई है। असुरन चौक खड़े आशीष ने बताया कि एप पर बस की लोकेशन नहीं मिलती है। इससे यहां खड़े होकर बसों का लंबा इंतजार करना पड़ता है।