UP News: गोरखपुर के पुलिस लाइंस में खुलेगा एंटी करप्शन थाना, सीएम योगी करे सकते हैं उद्घाटन
टीम ट्रैप करने के बाद भ्रष्टाचार में पकड़े गए आरोपी को जहां से उसे पकड़ा जाता था, उससे संबंधित थाने को सौंप देती थी और वहीं पर तहरीर देकर केस दर्ज कराती थी। लेकिन, अब थाना बनने के बाद वह खुद अपने थाने में ही केस दर्ज कर कार्रवाई कर सकेगी।
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गोरखपुर के पुलिस लाइंस में एंटी करप्शन थाना जल्द ही क्रियाशील हो जाएगा। शासन के आदेश के बाद इसका निर्माण पूरा हो चुका है। पहले यहां पर एंटी करप्शन की एक इकाई थी, जिसके अधीन 18 जिले थे। लेकिन, गोरखपुर के अलावा बस्ती में थाना बनने के बाद अब नौ जिले इस थाना क्षेत्र में होंगे। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसकी शुरुआत कर सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर एंटी करप्शन थाना में गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज के अलावा आजमगढ़ व मऊ जिला भी आएगा। यहां तक इस थाने का क्षेत्र होगा, जहां पर कार्रवाई करनी होगी। अभी तक गोरखपुर में एंटी करप्शन की एक इकाई ही थी, जिसमें एक इंस्पेक्टर समेत करीब 8 लोग थे, इनके जिम्मे गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, संतकबीर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ जिले का कार्यक्षेत्र था।
टीम ट्रैप करने के बाद भ्रष्टाचार में पकड़े गए आरोपी को जहां से उसे पकड़ा जाता था, उससे संबंधित थाने को सौंप देती थी और वहीं पर तहरीर देकर केस दर्ज कराती थी। लेकिन, अब थाना बनने के बाद वह खुद अपने थाने में ही केस दर्ज कर कार्रवाई कर सकेगी।
एक साल में 11 को पकड़ा, भेजा जेल
एंटी करप्शन की गोरखपुर इकाई ने जनवरी 2022 से अब तक कुल 11 ट्रैप किए हैं। जिसमे घूस लेने के दौरान कई सरकारी कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार हुए जो अभी तक जेल में हैं। एंटी करप्शन प्रभारी संतोष कुमार दीक्षित ने बताया कि हमारी टीम नौ जिलों में काम करती है। 2022 में अब तक 11 ट्रैप कर भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को जेल भेजा गया है।
एंटी करप्शन टीम ने इन्हें पकड़ा
- 27 अप्रैल को एआरओ कार्यालय से वरिष्ठ सहायक लेखाकार सुशील मौर्या को 10 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 17 जून को हरैया बस्ती के लेखपाल घनश्याम चौधरी को दस हजार रुपये के साथ ट्रैप किया। - 19 जून को महाराजगंज के लेखपाल सुभाष पटेल को 5 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 28 जुलाई को आजमगढ़ के लेखपाल अशोक कुमार उपाध्याय को 5 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 23 अगस्त को बस्ती के बिजली विभाग के जेई राघवेन्द्र प्रताप सिंह को 50 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 30 अगस्त को देवरिया बरहज तहसील के लेखपाल अशोक कुमार पांडेय को 5 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 23 सितंबर को देवरिया बिजली विभाग के बड़े बाबू उग्रसेन सिंह को 5 हजार के साथ ट्रैप किया।
- 23 नवंबर को बस्ती बिजली विभाग के जेई राजेश प्रजापति और प्राइवेट पर्सन राहुल कुमार को 10 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 30 नवंबर को मऊ विकास भवन के ग्राम विकास अधिकारी अमरेश सिंह को 20 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 6 दिसंबर को मधुबन, शिव मंदिर के संग्रह अमीन राजेश लाल को 15 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।