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पूर्वोत्तर रेलवे में एक हजार टीटीई का भत्ता रुका, तीन महीने का है बकाया
Tue, 11 Feb 2020 07:36 PM IST
हरीशचंद सिंह
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
Published by: हरीशचंद सिंह
Updated Tue, 11 Feb 2020 07:36 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
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पूर्वोत्तर रेलवे में करीब एक हजार टीटीई (चल टिकट परीक्षक) का यात्रा भत्ता फंस गया है। ये भत्ता तीन से चार महीने का है और प्रत्येक टीटीई की धनराशि 30 से 36 हजार रुपये है। एनआईआरएफ (नेशनल फेडरेशन इंडियन रेलवे मेंस) के पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद रेल प्रशासन ने इस संबंध में लिखा-पढ़ी शुरू की है। हालांकि अविलंब भुगतान नहीं होने पर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में करीब 400, वाराणसी में 325 तथा इज्जतनगर में 250 टीटीई कार्यरत हैं। यात्रा भत्ता के भुगतान में लखनऊ, इज्जतनगर और वाराणसी मंडल कार्यालय की लापरवाही सामने आई है। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (एफएम) राधेश्याम ने 30 जनवरी 2020 को तीनों मंडलों के डीआरएम को पत्र लिखकर कहा है कि आपके कार्यालय से भुगतान नहीं होने की वजह बजट की कमी बताई गई, जबकि लेखा विभाग का कहना है कि मंडल कार्यालय की ओर से जितनी धनराशि मांगी गई है, उपलब्ध कराया गया है।
लेखा विभाग का यह भी कहना है कि भुगतान की धनराशि का सही अनुमान विभाग की ओर से नहीं किया जा रहा। इसके चलते ऐसी स्थिति हुई है। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (एफएम) ने डीआरएम को यात्रा भत्ता भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा है।
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महामंत्री पीआरकेएस विनोद कुमार राय ने कहा हर साल रेल कर्मचारियों का भत्ता जानबूझकर मंडल कार्यालयों में रोका जा रहा है। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (एफएम) से मिलकर मांग पत्र सौंपा गया था। भत्ता का अविलंब भुगतान नहीं किया गया तो संघ आंदोलन करेगा।
छह महीने से एसी मैकेनिकों का भत्ता भी फंसा
पूर्वोत्तर रेलवे में कार्यरत एसी मैकेनिकों का भी भत्ता छह महीने से फंसा हुआ है। यह भत्ता उन्हें ट्रेन में यात्रा के हिसाब से दिया जाता है। पीआरकेएस के महामंत्री विनोद कुमार राय ने बताया कि छह महीने से भुगतान नहीं किया गया है। पिछली बार भी रोका गया था, जब आंदोलन शुरू हुआ तब भुगतान किया गया।
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पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में करीब 400, वाराणसी में 325 तथा इज्जतनगर में 250 टीटीई कार्यरत हैं। यात्रा भत्ता के भुगतान में लखनऊ, इज्जतनगर और वाराणसी मंडल कार्यालय की लापरवाही सामने आई है। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (एफएम) राधेश्याम ने 30 जनवरी 2020 को तीनों मंडलों के डीआरएम को पत्र लिखकर कहा है कि आपके कार्यालय से भुगतान नहीं होने की वजह बजट की कमी बताई गई, जबकि लेखा विभाग का कहना है कि मंडल कार्यालय की ओर से जितनी धनराशि मांगी गई है, उपलब्ध कराया गया है।
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लेखा विभाग का यह भी कहना है कि भुगतान की धनराशि का सही अनुमान विभाग की ओर से नहीं किया जा रहा। इसके चलते ऐसी स्थिति हुई है। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (एफएम) ने डीआरएम को यात्रा भत्ता भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा है।
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महामंत्री पीआरकेएस विनोद कुमार राय ने कहा हर साल रेल कर्मचारियों का भत्ता जानबूझकर मंडल कार्यालयों में रोका जा रहा है। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (एफएम) से मिलकर मांग पत्र सौंपा गया था। भत्ता का अविलंब भुगतान नहीं किया गया तो संघ आंदोलन करेगा।
छह महीने से एसी मैकेनिकों का भत्ता भी फंसा
पूर्वोत्तर रेलवे में कार्यरत एसी मैकेनिकों का भी भत्ता छह महीने से फंसा हुआ है। यह भत्ता उन्हें ट्रेन में यात्रा के हिसाब से दिया जाता है। पीआरकेएस के महामंत्री विनोद कुमार राय ने बताया कि छह महीने से भुगतान नहीं किया गया है। पिछली बार भी रोका गया था, जब आंदोलन शुरू हुआ तब भुगतान किया गया।