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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Allegations of lakhs of rupees being tied up with Regional Development Fund Limited; advice given to file a formal complaint at the police outpost.

Gorakhpur News: कार्यालय पर ताला देख भड़के निवेशक, हंगामा, डायल-112 पुलिस ने कराया शांत

Sat, 25 Jul 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Sat, 25 Jul 2026 02:29 AM IST
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Allegations of lakhs of rupees being tied up with Regional Development Fund Limited; advice given to file a formal complaint at the police outpost.
जंगल धूसड़ (गोरखपुर)। क्षेत्रीय विकास निधि लिमिटेड का बंद कार्यालय देखकर बृहस्पतिवार को निवेशकों का गुस्सा फूट पड़ा। भुगतान की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने पीड़ितों को तहरीर देने की सलाह दी।
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पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल धूसड़ स्थित भट्ठा चौराहा पर संचालित कंपनी पर लोगों ने जमा पूंजी लौटाने के बजाय भुगतान टालने का आरोप लगाया है। निवेशकों का कहना है कि संस्था ने एक साल की निवेश योजना पर तीन प्रतिशत ब्याज का भरोसा देकर गरीबों, मजदूरों, किसानों, गृहिणियों और छोटे कारोबारियों से लाखों रुपये जमा कराए लेकिन अवधि पूरी होने के बाद भी न मूलधन लौटाया और न ब्याज का भुगतान किया जा रहा है।
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पीड़ितों का दावा है कि अकेले जंगल धूसड़ क्षेत्र के लोगों के करीब 80 लाख रुपये संस्था में फंसे हुए हैं। कई खातों की परिपक्वता अवधि पूरी होने के बावजूद भुगतान नहीं मिला। उनका आरोप है कि पिछले करीब तीन महीनों से संस्था ने नए निवेश लेने और पुराने खातों का भुगतान करने, दोनों पर रोक लगा दी है।
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कार्यालय में साफ-सफाई का काम करने वाले लाल शाह ने बताया कि नौ जुलाई से कार्यालय पूरी तरह बंद है। उनके अनुसार, इससे पहले भी संचालक का कार्यालय आना-जाना कम हो गया था, जबकि कलेक्शन एजेंट गांव-गांव जाकर लोगों से किस्त और जमा धनराशि लेते रहे। उन्हें केवल कार्यालय खोलकर साफ-सफाई करने और फिर ताला बंद करने के निर्देश दिए जाते थे।
17 अप्रैल के बाद बंद हो गया कलेक्शन
निवेशकों के अनुसार, 17 अप्रैल के बाद संस्था के एजेंटों ने भी गांवों में जाकर धनराशि जमा करना बंद कर दिया। नकहा घोषीपुरवा निवासी इम्तियाज अहमद क्षेत्र में कलेक्शन एजेंट के रूप में काम करते थे लेकिन अब उनसे भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि संस्था पर भरोसा कर उन्होंने वर्षों की बचत जमा की थी।

संचालक से संपर्क नहीं हो रहा
पीड़ितों ने संस्था के संचालक बृजेश चंद्र श्रीवास्तव पर फोन नहीं उठाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ऋतुराज गुप्ता, प्रीतम, संजय कुमार गुप्ता, संतलाल निषाद, सचिन गुप्ता, अंजू, नेहा गुप्ता, रागनी निषाद, मोहनी निषाद, सरोज निषाद और साधना चौहान समेत कई निवेशकों ने अपनी जमा पूंजी फंसी होने का दावा किया है।

बोले अधिकारीमामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- ज्ञानेंद्र कुमार, एसपी नाॅर्थ
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