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गोरखपुर एम्स में सबकुछ ठीक नहीं: 'बर्न मरीज उपचार के लिए आया...नहीं मिलेगा उपचार', अज्ञात ईमेल ने उड़ाया होश
Thu, 18 Dec 2025 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 18 Dec 2025 01:26 AM IST
सार
ई-मेल में बताया गया है कि एक बार 13 साल के बच्चे के उपचार को देखकर उसे बेहद निराशा हुई। बच्चे के निचले अंग की आधी त्वचा गल गई थी। लेकिन मौजूद नॉन-एकेडमिक रेजिडेंट ने उपचार के नाम पर गंभीर लापरवाही की। ट्रामा के अटेंडिंग कंसल्टेंट्स पर भी आरोप लगाया कि उसने सर्जिकल घाव, जिस पर तीन दिन पहले टांके लगाए थे, उसे देखने से ही मना कर दिया था।
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एम्स की कार्यकारी निदेशक विभा दत्ता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एम्स की कार्यकारी निदेशक (ईडी) को पूर्व में कार्यरत जूनियर डॉक्टर डॉ जान डोए ने ईमेल करके ट्रॉमा और इमरजेंसी में अनियमितता और यहां मरीजों के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। ईमेल पर हुई शिकायत को एम्स प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कार्यकारी निदेशक ने निरीक्षण करके कुछ कमियों को दुरुस्त कराया।
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ई-मेल में बताया गया है कि एक बार 13 साल के बच्चे के उपचार को देखकर उसे बेहद निराशा हुई। बच्चे के निचले अंग की आधी त्वचा गल गई थी। लेकिन मौजूद नॉन-एकेडमिक रेजिडेंट ने उपचार के नाम पर गंभीर लापरवाही की। ट्रामा के अटेंडिंग कंसल्टेंट्स पर भी आरोप लगाया कि उसने सर्जिकल घाव, जिस पर तीन दिन पहले टांके लगाए थे, उसे देखने से ही मना कर दिया था।
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जबकि एम्स में प्लास्टिक सर्जन कंसल्टेंट भी हैं। आईपीडी ट्रामा में इंटर्न एक रात पहले दवाओं को रजिस्टर पर चढ़ाते, कॉपी पेस्ट कर लिख देते हैं। ई-मेल में कहा गया है कि एम्स में ये हाल है कि अगर कोई जला या गंभीर अवस्था में मरीज आए तो उसे सामान्य उपचार भी नहीं मिल पाता है। इसके अलावा कई बार की लापरवाही का जिक्र किया है।
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ई-मेल से शिकायत मिली। जिसकी जांच भी करवाई गई। कुछ कमियां मिली है उसे तत्काल सुधार करवाया गया। आगे किसी तरह की लापरवाही न हो सके, इसके लिए निर्देशित किया गया है। मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एम्स प्रबंधन बेहद गंभीर रहता है: डॉ. विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक, एम्स