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हृदय रोग से पीड़ित गेनू का एसजीपीजीआई में हुआ था ऑपरेशन, लोगों का जताया आभार
Mon, 09 Mar 2020 09:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, देवरिया।
डिजिटल न्यूज डेस्क, देवरिया।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Mar 2020 09:34 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ से इलाज कराकर रविवार को सकुशल घर लौटे गेनू ने आर्थिक मदद करने के लिए लोगों का आभार जताया है। कहा कि लोगों के मन में उपजी संवेदना और सहयोग के बल पर ही मेरा ऑपरेशन और इलाज संभव हुआ। इसी से मेरी जान बच सकी है।
देसही देवरिया के बरवां मीरछापर गांव के गेनू मद्धेशिया हृदय रोग से पीड़ित हैं। पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के ऊपर गेनू की बीमारी का इलाज एक संकट बन गया। अपनी आय का एकमात्र जरिया ठेला भी गेनू ने बेच दिया, जिस पर वह पकौड़ी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बेटी की शादी और इलाज में पहले ही खेत बिक चुका था। गेनू ने लोगों से मदद की गुहार लगाई।
अमर उजाला अखबार ने पीड़ित की फरियाद को लगातार प्रकाशित किया। प्रेरित होकर लोगों ने उनके इलाज के लिए खुलकर आर्थिक सहयोग किया। लोगों ने मदद करके इलाज के लिए लखनऊ के एसजीपीजीआई भेजा। तीन मार्च को ऑपरेशन होने के बाद गेनू रविवार को सकुशल वापस घर पहुंचे। मिलने पहुंचे लोगों के सामने गेनू भावुक हो गए।
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सहयोग करने के लिए सभी लोगों के प्रति आभार जताया। कहा कि लोगों ने धन और दुआ दोनों देकर लखनऊ भेजा था। इसलिए मेरी जान बची है। इस बात का एहसान मैं जीवन भर नहीं भूलूंगा। अमर उजाला अखबार को भी धन्यवाद दिया। कहा कि अखबार ने ही हमारी फरियाद को लोगों तक पहुंचाया।
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देसही देवरिया के बरवां मीरछापर गांव के गेनू मद्धेशिया हृदय रोग से पीड़ित हैं। पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के ऊपर गेनू की बीमारी का इलाज एक संकट बन गया। अपनी आय का एकमात्र जरिया ठेला भी गेनू ने बेच दिया, जिस पर वह पकौड़ी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बेटी की शादी और इलाज में पहले ही खेत बिक चुका था। गेनू ने लोगों से मदद की गुहार लगाई।
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अमर उजाला अखबार ने पीड़ित की फरियाद को लगातार प्रकाशित किया। प्रेरित होकर लोगों ने उनके इलाज के लिए खुलकर आर्थिक सहयोग किया। लोगों ने मदद करके इलाज के लिए लखनऊ के एसजीपीजीआई भेजा। तीन मार्च को ऑपरेशन होने के बाद गेनू रविवार को सकुशल वापस घर पहुंचे। मिलने पहुंचे लोगों के सामने गेनू भावुक हो गए।
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सहयोग करने के लिए सभी लोगों के प्रति आभार जताया। कहा कि लोगों ने धन और दुआ दोनों देकर लखनऊ भेजा था। इसलिए मेरी जान बची है। इस बात का एहसान मैं जीवन भर नहीं भूलूंगा। अमर उजाला अखबार को भी धन्यवाद दिया। कहा कि अखबार ने ही हमारी फरियाद को लोगों तक पहुंचाया।