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UP: गोरखनाथ मंदिर में आतंकी घुसने की फर्जी सूचना देने का आरोपी गया जेल, बोला- पुलिसकर्मी ने डांटा तो लिया बदला
Tue, 03 Jan 2023 10:21 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 03 Jan 2023 10:21 AM IST
सार
एसओजी टीम ने आरोपी कुर्बान अली को दबोच लिया। पूछताछ में उसने बताया कि बिहार का आधार कार्ड होने की वजह से उसे कमरा और सिम कार्ड नहीं मिल रहा था, इस वजह से उसने फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाया था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखनाथ मंदिर में बम लेकर आतंकी घुसने की फर्जी सूचना देने के आरोपी को पुलिस ने सोमवार को जेल भिजवा दिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह बाइक लेकर जा रहा था, इस दौरान यातायात नियम तोड़ने पर पुलिसकर्मी ने डांटा था। इसी वजह से पुलिस को परेशान करने के लिए उसने फर्जी सूचना दे दी थी।
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उधर, आरोपी कुर्बान अली के पास से पुलिस को फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस भी मिला है। इस आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने, फर्जी सूचना देने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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आरोपी मूलरूप से बिहार के वैशाली जिले के धर्मपुर का निवासी है। पिता के साथ गोरखनाथ में किराये के मकान में रहता है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सिम कार्ड लेने के लिए फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाया था।
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प्रभारी निरीक्षक कैंट शशिभूषण राय ने बताया कि रविवार को सीएम की मंदिर में मौजूदगी के दौरान ही पुलिस कंट्रोल में बम लेकर आतंकी घुसने की सूचना मिली थी। बताया गया था कि चार लोग काला कपड़ा पहने हैं और मंदिर में दाखिल हो गए हैं। मोबाइल नंबर के आधार पर जांच की गई तो पता चला कि कुर्बान अली निवासी गोलघर ने फोन किया था। उस पते पर जाने पर वहां पर कुर्बान अली नाम का कोई शख्स नहीं मिला।
उधर, एसओजी टीम ने आरोपी कुर्बान अली को दबोच लिया। पूछताछ में उसने बताया कि बिहार का आधार कार्ड होने की वजह से उसे कमरा और सिम कार्ड नहीं मिल रहा था, इस वजह से उसने फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाया था।
हो सकता है आजीवन कारावास
- धारा 419,420: जालसाजी करना (अधिकतम सजा तीन साल)
- धारा 467, 468: कूटरचित दस्तावेज तैयार करना (दस साल या आजीवन कारावास)
- धारा 182: झूठी सूचना देना (छह महीने की सजा)