{"_id":"69ade070351333b0ab07092d","slug":"accused-arrested-for-grabbing-land-by-making-fake-settlement-deed-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1251094-2026-03-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: मृतकों को जिंदा दिखाकर करता था नाम से फर्जी हस्ताक्षर, जमीनों की करता था धोखाधड़ी- आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: मृतकों को जिंदा दिखाकर करता था नाम से फर्जी हस्ताक्षर, जमीनों की करता था धोखाधड़ी- आरोपी गिरफ्तार
Mon, 09 Mar 2026 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Mar 2026 02:17 AM IST
सार
आरोप है कि गांव के पारस यादव, विंदेश्वरी यादव सहित कई लोगों ने आपसी साजिश कर फर्जी कागजात और सुलहनामा तैयार कर लिया। इस सुलहनामे में कई मृतकों को जीवित दर्शाते हुए पीड़ित के पिता और बड़े पिता को भी पक्षकार बना दिया गया। इतना ही नहीं, उनके नाम से भी कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज दाखिल कर दिए गए।
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : स्त्रोत-पुलिस
विस्तार
गीडा थाना पुलिस ने हरैया गांव निवासी रिजवान अहमद की जमीन का फर्जी सुलहनामा बनाकर जमीन हड़पने वाले एक आरोपी को क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान अब्दुल कलाम के रूप में हुई है। जो वर्तमान में कैंट थानाक्षेत्र के रानीडीहा में रहता था। पुलिस भागे 11 अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
विज्ञापन
हरैया गांव निवासी रिजवान अहमद ने फर्जी सुलहनामा तैयार कर पैतृक जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया है। न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र में पारस यादव, उनकी बहन बिंदेश्वरी यादव, राम बहाल, अब्दुल कलाम, अनवर अली, आलमगीर, समसुद्दीन, मल्लू, पुरुषोत्तम मिश्रा, बट्टू, जाबिर और साजिद धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने का आरोप लगाया गया था।
विज्ञापन
आरोप था कि ग्राम हरैया स्थित आराजी संख्या 745 में उनके पिता का आधा हिस्सा 35 डिसमिल था। शेष 17.5 डिसमिल जमीन उनकी मां जबीबुन निशा ने वर्ष 2007 में अपने जेठ हामिद से बैनामा कराकर अपने नाम दर्ज करा लिया था। यह जमीन गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय मार्ग के किनारे स्थित है।
आरोप है कि गांव के पारस यादव, विंदेश्वरी यादव सहित कई लोगों ने आपसी साजिश कर फर्जी कागजात और सुलहनामा तैयार कर लिया। इस सुलहनामे में कई मृतकों को जीवित दर्शाते हुए पीड़ित के पिता और बड़े पिता को भी पक्षकार बना दिया गया। इतना ही नहीं, उनके नाम से भी कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज दाखिल कर दिए गए।
आरोप है कि गांव के पारस यादव, विंदेश्वरी यादव सहित कई लोगों ने आपसी साजिश कर फर्जी कागजात और सुलहनामा तैयार कर लिया। इस सुलहनामे में कई मृतकों को जीवित दर्शाते हुए पीड़ित के पिता और बड़े पिता को भी पक्षकार बना दिया गया। इतना ही नहीं, उनके नाम से भी कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज दाखिल कर दिए गए।
विज्ञापन
फर्जी सुलहनामे के आधार पर 4 जून 2016 को आदेश पारित कराकर गाटा संख्या 745 की जमीन पारस यादव व विंदेश्वरी यादव के नाम दर्ज करा ली गई थी। रिजवान अहमद का आरोप है कि 10 मार्च 2023 को जब वह अपनी जमीन पर खेती के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट के लिए दौड़ा लिया और दोबारा जमीन पर आने पर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश कर रही थी। प्रशिक्षु आईपीएस अरुण कुमार यश ने बताया कि मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश कर रही थी। प्रशिक्षु आईपीएस अरुण कुमार यश ने बताया कि मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।