फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Accounts were opened on the pretext of government schemes... bank employee also suspected of collusion

Gorakhpur News:ऑनलाइन सरकारी योजनाओं का झांसा देकर खुलवाते थे खाता...बैंक कर्मी की भी मिलीभगत की आशंका

Tue, 19 Mar 2024 10:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 19 Mar 2024 10:29 AM IST
सार

शाहपुर थाने की एक चौकी पर तैनात दरोगा ने जांच की जगह पूरे प्रकरण में धन उगाही की कोशिश की। इसकी शिकायत भी बीते दिनों महिला ने एसपी सिटी से की थी। इसके बाद से इस मामले में पुलिस की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है, क्योंकि जांच करने वाले दरोगा ने व्यापारी से रुपयों की मांग कर मामले को रफा-दफा करने की बात कही थी।

विज्ञापन
Accounts were opened on the pretext of government schemes... bank employee also suspected of collusion
ऑनलाइन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गोरखपुर में भी ऑनलाइन जुए और जालसाजी के केस में बैंक से लेकर छत्तीसगढ़ तक नेटवर्क फैले होने की आशंका है। प्रारंभिक जांच में पता लगा है कि जालसाजों ने सरकारी योजनाओं में फायदे का झांसा देकर खाता खुलवाया था। इसमें एक बैंक कर्मचारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
विज्ञापन


उसने आकर मौके पर ही फोटो लेकर खाता खोला था। आरोपी खाता खुलवाने वाले को पांच हजार रुपये महीना देता था। लक्ष्मीना देवी से पूछताछ में पता चला कि वह जैमिनी अपार्टमेंट में व्यापारी के घर के अलावा गोलघर स्थित काली मंदिर के पीछे चल रहे ऑफिस में भी सफाई के लिए जाती थी।
विज्ञापन


वहां व्यापारी के दोस्त अजय ठाकुर और कई अन्य लोग काम करते हैं। एक दिन व्यापारी से नौकरानी ने अनुरोध किया कि कुछ और काम भी दिलवा दें, ताकि उसे भी कुछ अतिरिक्त आमदनी हो जाए। व्यापारी ने सरकार की नई योजना आने का झांसा देकर उसका आधार काॅर्ड, पैन कार्ड और फोटो ले लिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुंबई और छत्तीसगढ़ के खातों में भेजे गए रुपये
अब तक की पूछताछ में पता चला है कि एक आरोपी सिद्धार्थनगर का रहने वाला है, जिसके संपर्क में मुंबई के कई लोग हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के लोगों के भी शामिल होने की आशंका है। पुलिस जल्द ही एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर सकती है।

यह भी पता लगा है कि गोरखपुर में खोले गए खातों में ऑनलाइन रुपये आए हैं। इन रुपयों को नेट बैंकिंग के जरिए ही तत्काल मुंबई और छत्तीसगढ़ के दूसरों खातों में भेज दिया गया। अभी 20 खाते ही सामने आए हैं, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह में शामिल अन्य लोग और खातों की जानकारी मिल जाएगी।

दरोगा की भूमिका संदिग्ध, जांच शुरू
शाहपुर थाने की एक चौकी पर तैनात दरोगा ने जांच की जगह पूरे प्रकरण में धन उगाही की कोशिश की। इसकी शिकायत भी बीते दिनों महिला ने एसपी सिटी से की थी। इसके बाद से इस मामले में पुलिस की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है, क्योंकि जांच करने वाले दरोगा ने व्यापारी से रुपयों की मांग कर मामले को रफा-दफा करने की बात कही थी।

गुलरिहा में भी आया था इसी तरह का मामला
गुलरिहा इलाके की रहने वाली एक महिला का भी इसी तरह का मामला सामने आया था। उसे भी मदद के बहाने खाता खुलवाकर जालसाजी की गई थी। इसमें जांच करते हुए तमिलनाडु पुलिस ने नोटिस भी भेजा था, जिसके बाद उसे जानकारी हो पाई थी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दोनों मामलों में एक ही गिरोह शामिल है या फिर दोनों अलग-अलग मामले हैं। पुलिस इसकी जांच कर रही है।

पीएनबी प्रबंधक और रेलवे अधिकारी से हुई थी जालसाजी
शेयर में ही रुपये कमाने का लालच देकर पीएनबी बैंक के मैनेजर से 32 लाख और रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के एक अफसर से 27 लाख रुपये की जालसाजी का मामला सामने आ चुका है। साइबर पुलिस इन मामलों की जांच भी कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह जालसाजी भी तो इसी गिरोह के लोगों ने तो नहीं की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed