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यूपी: 25 जिलों में तैनात होंगे आपदा मित्र और आपदा सखियां, इस खास वजह से लिया गया निर्णय
Sun, 07 Nov 2021 02:47 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 07 Nov 2021 02:47 PM IST
सार
उपाध्यक्ष सेवानिवृत्त जनरल रवींद्र प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश के 25 जिलों में चिह्नित किए गए करीब 500 आपदा मित्रों को हर हाल में 2023 तक प्रशिक्षित करना है।
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गोरखपुर शहर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर की तर्ज पर प्रदेश के 25 जिलों में आपदा मित्र एवं आपदा सखियों का चयन कर तैनाती की जाएगी। सीएम सिटी और बलिया में आपदा मित्र परियोजना की सफलता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इन जिलों में गोरखपुर के आपदा मित्र मास्टर ट्रेनर के रूप में आपदा मित्रों को प्रशिक्षण देंगे।
शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रंबधन प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सेवानिवृत्त जनरल रवींद्र प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश के 25 जिलों में चिह्नित किए गए करीब 500 आपदा मित्रों को हर हाल में 2023 तक प्रशिक्षित करना है। गोरखपुर के आपदा मित्रों द्वारा प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव बनाकर जल्द से जल्द प्रस्तुत किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिले में चिह्नित आपदा सखियों के प्रशिक्षण का प्रस्ताव भी बनाकर जल्द भेजा जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गोरखपुर मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है। गोरखपुर जिले के प्रशिक्षित मास्टर प्रशिक्षक विभिन्न जनपदों में आपदा विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि राज्य आपदा मोचक बल को जल्द से जल्द जमीन आवंटित कर दी जाए। संभावित शीत लहर को देखते हुए यातायात नियमों के पालन के लिए विशेष अभियान संचालित किया जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में अतिशीघ्र आपदा विशेषज्ञ नियुक्त हो जाएंगे।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/प्रभारी आपदा ने सुझाव दिया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्दी होनी चाहिए जिससे सभी उनको आसानी से पहचान सकें और अपनी समस्या बता सकें। उपाध्यक्ष ने इस सुझाव को सराहनीय बताते हुए इस संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने किया। बैठक में 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचक बल (एनडीआरएफ) के निरीक्षक गोपी गुप्ता, राज्य आपदा मोचक बल (एसडीआरएफ) के टीम कमांडर धनंजय शुक्ला, नागरिक सुरक्षा के सहायक उप नियंत्रक वेद प्रकाश, हापुड़, लखीमपुर खीरी एवं बरेली के जिला आपदा विशेषज्ञ मौजूद रहे।
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शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रंबधन प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सेवानिवृत्त जनरल रवींद्र प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश के 25 जिलों में चिह्नित किए गए करीब 500 आपदा मित्रों को हर हाल में 2023 तक प्रशिक्षित करना है। गोरखपुर के आपदा मित्रों द्वारा प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव बनाकर जल्द से जल्द प्रस्तुत किया जाए।
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उन्होंने कहा कि जिले में चिह्नित आपदा सखियों के प्रशिक्षण का प्रस्ताव भी बनाकर जल्द भेजा जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गोरखपुर मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है। गोरखपुर जिले के प्रशिक्षित मास्टर प्रशिक्षक विभिन्न जनपदों में आपदा विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि राज्य आपदा मोचक बल को जल्द से जल्द जमीन आवंटित कर दी जाए। संभावित शीत लहर को देखते हुए यातायात नियमों के पालन के लिए विशेष अभियान संचालित किया जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में अतिशीघ्र आपदा विशेषज्ञ नियुक्त हो जाएंगे।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/प्रभारी आपदा ने सुझाव दिया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्दी होनी चाहिए जिससे सभी उनको आसानी से पहचान सकें और अपनी समस्या बता सकें। उपाध्यक्ष ने इस सुझाव को सराहनीय बताते हुए इस संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने किया। बैठक में 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचक बल (एनडीआरएफ) के निरीक्षक गोपी गुप्ता, राज्य आपदा मोचक बल (एसडीआरएफ) के टीम कमांडर धनंजय शुक्ला, नागरिक सुरक्षा के सहायक उप नियंत्रक वेद प्रकाश, हापुड़, लखीमपुर खीरी एवं बरेली के जिला आपदा विशेषज्ञ मौजूद रहे।