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Gorakhpur News: भारत की समुद्री सुरक्षा में बढ़ रहा ड्रोन और एआई का उपयोग
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग में शुक्रवार को शोधार्थियों के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें शोधार्थी निधि कुमारी ने ''भारतीय नौसेना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन तकनीकी की भूमिका'' विषय पर अकादमिक प्रस्तुति दी।
उन्होंने कहा कि भारत की समुद्री सुरक्षा में ड्रोन और एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इससे निगरानी, खुफिया जानकारी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार हो रहा है। वर्तमान समय में भारतीय नौसेना 30 से अधिक एआई आधारित परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। स्वायत्त तीव्र इंटरसेप्ट बोट जैसी तकनीक तटीय निगरानी और सुरक्षा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। एआई मानव त्रुटियों को कम करने में सहायक है और इसके माध्यम से भारत अपने समुद्री संसाधनों की बेहतर सुरक्षा और प्रबंधन कर सकता है।
इस अवसर पर प्रो. सतीश चंद्र पांडेय, प्रो. हर्ष सिन्हा, डॉ. प्रवीन कुमार सिंह, डॉ. विजय कुमार एवं डॉ. जितेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि भारत की समुद्री सुरक्षा में ड्रोन और एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इससे निगरानी, खुफिया जानकारी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार हो रहा है। वर्तमान समय में भारतीय नौसेना 30 से अधिक एआई आधारित परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। स्वायत्त तीव्र इंटरसेप्ट बोट जैसी तकनीक तटीय निगरानी और सुरक्षा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। एआई मानव त्रुटियों को कम करने में सहायक है और इसके माध्यम से भारत अपने समुद्री संसाधनों की बेहतर सुरक्षा और प्रबंधन कर सकता है।
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इस अवसर पर प्रो. सतीश चंद्र पांडेय, प्रो. हर्ष सिन्हा, डॉ. प्रवीन कुमार सिंह, डॉ. विजय कुमार एवं डॉ. जितेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।