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Gorakhpur News: टेलीग्राम पर फर्जी ऑक्शन ग्रुप बनाकर 11.21 लाख की ठगी
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गोरखपुर। टेलीग्राम पर फर्जी ऑक्शन ग्रुप बनाकर निवेश के नाम पर युवक से 11.21 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। शाहपुर क्षेत्र निवासी पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गीता वाटिका स्थित मधुसूदन होम्स निवासी मयंक श्रीवास्तव ने साइबर थाने को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 22 नवंबर 2025 को टेलीग्राम पर निशा अग्रवाल नाम की महिला ने उनसे संपर्क किया। महिला ने खुद को ''''वॉचेस ऑफ स्विट्जरलैंड'''' नामक ऑक्शन ग्रुप का सदस्य बताया और निवेश पर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा दिया।
पीड़ित के मुताबिक, शुरुआत में उनसे 10 हजार रुपये जमा कराए गए, जिसके बदले 15,724 रुपये लौटाए गए। इसके बाद 50 हजार रुपये निवेश कराने पर 71,698 रुपये मिले। भरोसा बढ़ने पर आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कराई।
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मयंक ने बताया कि 26 नवंबर 2025 को दो लाख रुपये, 27 नवंबर को 3.91 लाख रुपये और पांच दिसंबर को 5.30 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से विभिन्न खातों में भेजे गए। इस तरह कुल 11,21,679 रुपये की ठगी हो गई। बाद में आरोपियों ने क्रेडिट स्कोर कम होने की बात कहकर चार लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाया। इन्कार करने पर संपर्क बंद कर दिया गया।
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि मामले में बैंक खातों, टेलीग्राम आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
ऐसे करें बचाव
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन निवेश या पैसे ट्रांसफर न करें।
- टेलीग्राम, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर मिलने वाले ''''जल्दी मुनाफा ऑफर'''' से सावधान रहें।
- बैंक खाता, ओटीपी, यूपीआई पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।
- केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का ही इस्तेमाल करें।
- संदिग्ध कॉल या मैसेज आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
- मोबाइल और बैंकिंग एप में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।
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शाहपुर थाना क्षेत्र के गीता वाटिका स्थित मधुसूदन होम्स निवासी मयंक श्रीवास्तव ने साइबर थाने को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 22 नवंबर 2025 को टेलीग्राम पर निशा अग्रवाल नाम की महिला ने उनसे संपर्क किया। महिला ने खुद को ''''वॉचेस ऑफ स्विट्जरलैंड'''' नामक ऑक्शन ग्रुप का सदस्य बताया और निवेश पर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा दिया।
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पीड़ित के मुताबिक, शुरुआत में उनसे 10 हजार रुपये जमा कराए गए, जिसके बदले 15,724 रुपये लौटाए गए। इसके बाद 50 हजार रुपये निवेश कराने पर 71,698 रुपये मिले। भरोसा बढ़ने पर आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कराई।
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मयंक ने बताया कि 26 नवंबर 2025 को दो लाख रुपये, 27 नवंबर को 3.91 लाख रुपये और पांच दिसंबर को 5.30 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से विभिन्न खातों में भेजे गए। इस तरह कुल 11,21,679 रुपये की ठगी हो गई। बाद में आरोपियों ने क्रेडिट स्कोर कम होने की बात कहकर चार लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाया। इन्कार करने पर संपर्क बंद कर दिया गया।
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि मामले में बैंक खातों, टेलीग्राम आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
ऐसे करें बचाव
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन निवेश या पैसे ट्रांसफर न करें।
- टेलीग्राम, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर मिलने वाले ''''जल्दी मुनाफा ऑफर'''' से सावधान रहें।
- बैंक खाता, ओटीपी, यूपीआई पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।
- केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का ही इस्तेमाल करें।
- संदिग्ध कॉल या मैसेज आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
- मोबाइल और बैंकिंग एप में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।