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Gorakhpur News: साइबर अपराधों से मुकाबले के लिए तकनीकी प्रशिक्षण जरूरी
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गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को 81 पुलिस आरक्षियों के लिए साइबर फॉरेंसिक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत डा. विमल कुमार ने अतिथियों और प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों के स्वागत के साथ की। इस दौरान साइबर फाॅरेंसिक रिसर्च सेंटर में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों और तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को मोबाइल फाॅरेंसिक, वीडियो फाॅरेंसिक, डाटा रिकवरी, नेटवर्क फाॅरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण से जुड़ी प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में एएसपी दिनेश गोदारा ने कहा कि बढ़ते साइबर अपराधों से प्रभावी मुकाबले के लिए पुलिस बल का तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होना जरूरी है। उन्होंने कॉल डिटेल रिकाॅर्ड विश्लेषण व डिक्रिप्शन तकनीकों के महत्व पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि साइबर विशेषज्ञ उपेंद्र सिंह ने अल्ट्रा किट, राइट ब्लाकर, जीपीएस एक्टिविटी, साइबर सेफ पोर्टल जैसे आधुनिक टूल्स के उपयोग को जांच प्रक्रिया के लिए आवश्यक बताया।
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डॉ. विमल कुमार ने साइबर फाॅरेंसिक रिसर्च सेंटर में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों और तकनीकों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को मोबाइल फाॅरेंसिक, वीडियो फाॅरेंसिक, डाटा रिकवरी, नेटवर्क फाॅरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण से जुड़ी प्रक्रियाओं से अवगत कराया। डॉ. बीके शर्मा ने आभार व्यक्त किया।
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कार्यक्रम की शुरुआत डा. विमल कुमार ने अतिथियों और प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों के स्वागत के साथ की। इस दौरान साइबर फाॅरेंसिक रिसर्च सेंटर में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों और तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को मोबाइल फाॅरेंसिक, वीडियो फाॅरेंसिक, डाटा रिकवरी, नेटवर्क फाॅरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण से जुड़ी प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।
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उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में एएसपी दिनेश गोदारा ने कहा कि बढ़ते साइबर अपराधों से प्रभावी मुकाबले के लिए पुलिस बल का तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होना जरूरी है। उन्होंने कॉल डिटेल रिकाॅर्ड विश्लेषण व डिक्रिप्शन तकनीकों के महत्व पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि साइबर विशेषज्ञ उपेंद्र सिंह ने अल्ट्रा किट, राइट ब्लाकर, जीपीएस एक्टिविटी, साइबर सेफ पोर्टल जैसे आधुनिक टूल्स के उपयोग को जांच प्रक्रिया के लिए आवश्यक बताया।
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डॉ. विमल कुमार ने साइबर फाॅरेंसिक रिसर्च सेंटर में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों और तकनीकों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को मोबाइल फाॅरेंसिक, वीडियो फाॅरेंसिक, डाटा रिकवरी, नेटवर्क फाॅरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण से जुड़ी प्रक्रियाओं से अवगत कराया। डॉ. बीके शर्मा ने आभार व्यक्त किया।