Gorakhpur News: पीएफआई से जुड़े 75 लोग चिह्नित, इनमें 29 महराजगंज से, खुफिया एजेंसी गतिविधियों पर रख रही नजर
कुछ दिन पूर्व कोतवाली इलाके के एक अन्य युवक को पकड़ा गया था, जिनके पास से जिहादी साहित्य मिले थे। जिनका संबंध कोतवाली इलाके के एक प्रिंटिंग प्रेस से होना सामने आया था। जिसके बाद बुधवार को एनआईए (राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी) प्रिंटिंग प्रेस पहुंची और घंटों पूछताछ की। सभी की गतिविधियों पर खुफिया एजेंसी की नजर है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खुफिया विभाग ने मंडल में पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े 75 लोगों को चिह्नित किया है। जिसमें 29 महराजगंज के हैं। सूची में गोरखपुर के आतंकी मुर्तजा का नाम भी शामिल किया गया है।
कुछ दिन पूर्व कोतवाली इलाके के एक अन्य युवक को पकड़ा गया था, जिनके पास से जिहादी साहित्य मिले थे। जिनका संबंध कोतवाली इलाके के एक प्रिंटिंग प्रेस से होना सामने आया था। जिसके बाद बुधवार को एनआईए (राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी) प्रिंटिंग प्रेस पहुंची और घंटों पूछताछ की। सभी की गतिविधियों पर खुफिया एजेंसी की नजर है। सूत्रों के मुताबिक कोतवाली के समीप पकड़े गए युवक के पास से कुछ आपत्तिजनक साहित्य मिले हैं। हालांकि, टीम बिना किसी को गिरफ्तार किए लौट गई।
इसे भी पढ़ें: पांच दिनों में बढ़े सोने-चांदी के भाव..अभी और तेजी पकड़ेंगे
तीन दिन से बिना पंजीकरण वाले होटल में ठहरता था विदेशी नागरिक
आंबेडकर जन मोर्चा के बैनर तले आंदोलन में शामिल होने के लिए ही फ्रांस नागरिक हेनाल्ड वैलेन्टिन जीन रोजर आया था। वह रेलवे स्टेशन के पास एक ऐसे होटल में रुका था, जिसका पंजीकरण ही नहीं है। पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद खुफिया एजेंसी भी जांच में जुट गई हैं।
यह भी सामने आया है कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे श्रवण निराला समेत कई नेता चाहते थे कि पुलिस उग्र हो जाए, ताकि इस आंदोलन को देश भर में हवा मिल जाए। लेकिन उनकी हर सोच को पुलिस समझ ली थी।
इसे भी पढ़ें: नेपाल से चरस की तस्करी करने वाला दरोगा गिरफ्तार, साथी भी पकड़ा गया
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर खुद शाम में कमान संभाल लिए थे और पुलिस को सख्त हिदायत दी गई थी कि वह उग्र न हो। यहां तक की महिलाओं को भी पुलिस ने खुद के साधन से घर तक छोड़ा।
जानकारी के मुताबिक, वीडियो बनाने और पदाधिकारियों से बातचीत करते समय फ्रांस नागरिक को पुलिस ने पकड़ा था। अब पता चला है कि वह लंबे समय से ऐसे आंदोलन का हिस्सा बनता है। इस आंदोलन को भी वह अपनी सोच से हवा देने के लिए आया था। इसके लिए उसने ऐसे होटल को चुना, जिस पर किसी की नजर न पड़े।
इसे भी पढ़ें: इलेक्ट्रिक बसों में जल्द मिलेगी एमएसटी की सुविधा, विभिन्न रूटों पर तय किया गया किराया