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Gorakhpur News: 16 वर्ष के दृष्टि बाधित गयासुद्दीन ने कंठस्थ किया कुरआन, लगा इतना समय- अब चर्चाओं में
Thu, 07 Mar 2024 06:03 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 07 Mar 2024 06:03 PM IST
सार
हर बाधाओं को पीछे छोड़कर हौसलों की उड़ान भरने वाले अंधियारी बाग निवासी गुलाम गौस के 16 वर्षीय दृष्टि बाधित पुत्र मोहम्मद गयासुद्दीन 26 माह में पवित्र कुरआन को कंठस्थ कर लिया।
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कुरआन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गोरखपुर में हर बाधाओं को पीछे छोड़कर हौसलों की उड़ान भरने वाले अंधियारी बाग निवासी गुलाम गौस के 16 वर्षीय दृष्टि बाधित पुत्र मोहम्मद गयासुद्दीन 26 माह में पवित्र कुरआन को कंठस्थ कर लिया। गयासुद्दीन के साथ ही उनके परिवार के इस जज्बे को हर कोई सलाम कर रहा है।
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दावते इस्लामी इंडिया की ओर से संचालित मदरसतुल मदीना जामियतुल कुरैश अंधियारी बाग के शिक्षकों के लिए भी गयासुद्दीन को दीनी तालीम देना किसी चुनौती से कम नहीं था। इस दौरान मदरसे में गयासुद्दीन को कुरआन पढ़ाने की शुरुआत की। उस्ताद एक-एक लफ्ज याद कराते व उसके बाद फिर गयासुद्दीन की जबानी सुनते। यह कठिन काम था।
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करीब 26 माह की कड़ी मेहनत के बाद गयासुद्दीन ने कुरआन के 30 पारे याद कर लिया। इसी मदरसे में पढ़ने वाले जाफरा बाजार निवासी सदरुल हक के 14 वर्षीय पुत्र मोहम्मद ओवैस ने महज 10 माह 11 दिन में पूरा कुरआन-ए-पाक कंठस्थ कर लिया है।
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इस मौके पर मदरसतुल मदीना जामियतुल कुरैश अंधियारीबाग में दस्तारबंदी व प्रमाणपत्र वितरण का जलसा हुआ। जिसमें मोहम्मद गयासुद्दीन व मोहम्मद ओवैस की दस्तारबंदी हुई। इसके साथ ही कुरआन-ए-पाक मुकम्मल पढ़ने वाले मदरसे के 30 छात्रों को प्रमाणपत्र सौंपा गया। कुरआन-ए-पाक की तिलावत हाफिज आरिफ रजा ने की।
इस अवसर पर आदिल, मुफ्ती हुसैन अशरफी मदनी, अबू तलहा अत्तारी, आरिफ अलीमी, मौलाना अंसारी मिस्बाही, मौलाना कादरी, कारी मोहसिन, फरहान अत्तारी आदि मौजूद रहे।