गोरखपुर विश्वविद्यालय: गोविवि से संबद्ध 16 बीएड कॉलेज प्रवेश लेने से वंचित, जानिए क्या है वजह
प्रदर्शन मूल्यांकन प्रपत्र में कॉलेजों को एनसीटीई द्वारा मांगी गई जानकारी देनी होती है। इसके तहत बताना पड़ता है कि उनका परिसर कितने क्षेत्र में और कहां बना हुआ है। शिक्षकों और छात्रों की संख्या क्या है।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 16 और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के करीब 20 से अधिक कॉलेज इस सत्र में बीएड, एमएड और बीटीसी में प्रवेश नहीं ले सकेंगे। नेशनल काउंसिल और टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) ने उन्हें प्रवेश लेने से वंचित कर दिया है। एनसीटीई ने कॉलेजों के खिलाफ यह कार्रवाई निर्धारित तिथि तक प्रदर्शन मूल्यांकन प्रपत्र (परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट) न भरने पर की है। इसे लेकर कॉलेजों को सुप्रीम कोर्ट तक से राहत नहीं मिली।
एनसीटीई ने बीते वर्ष सभी बीएड कॉलेजों को प्रतिवर्ष अपना प्रदर्शन मूल्यांकन प्रपत्र भरने का निर्देश दिया था। जिसमें कहा गया था कि उसी आधार पर उसे अगले सत्र के लिए बीएड, एमएड और बीटीसी में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। कॉलेजों के प्रबंधन को एनसीटीई की यह शर्त ज्यादती लगी तो वह हाईकोर्ट चले गए।
मामला हाईकोर्ट के सिंगल बेंच से डबल बेंच तक गया लेकिन राहत नहीं मिली। इस चक्कर में पिछला वर्ष बीत गया। मामला कोर्ट में था, इसलिए एनसीटीई ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। हाईकोर्ट से हारने के बाद जब कॉलेजों ने सुप्रीम कोर्ट में शरण ली तो उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली।
राहत के नाम पर सिर्फ इतनी छूट मिली कि वह अपनी रिपोर्ट चार अप्रैल तक दे सकते हैं। जिसकी पहली तिथि एनसीटीई ने 31 जनवरी निर्धारित की थी, जो अलग-अलग कारणों से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित तिथि भी जब बीत गई तो एनसीटीई ने उन कॉलेजों की सूची जारी कर दी है, जो रिपोर्ट न देने की वजह से प्रवेश से वंचित कर दिए गए हैं।
इसके बाद उन कॉलेजों के प्रबंधन के होश उड़े हुए हैं, जो इसमें शामिल हैं। सूची का अध्ययन विश्वविद्यालयों द्वारा भी कराया जा रहा है, जिससे प्रवेश से वंचित रहने वाले संबद्ध कॉलेजों की जानकारी प्राप्त हो सके। जानकारी के मुताबिक प्राथमिक अध्ययन में पाया गया है कि गोरखपुर विश्वविद्यालय के 16 और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के 20 से अधिक कॉलेज इस सूची में शामिल हैं।
गोरखपुर विवि से संबद्ध कॉलेजों में देवरिया के नौ कॉलेज और गोरखपुर के सात कॉलेज हैं। हालांकि अभी यह संख्या बढ़ सकती है। वर्तमान में गोरखपुर विश्वविद्यालय में कुल 101 और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से 86 कॉलेज संबद्ध हैं।
यह है प्रदर्शन मूल्यांकन प्रपत्र
प्रदर्शन मूल्यांकन प्रपत्र में कॉलेजों को एनसीटीई द्वारा मांगी गई जानकारी देनी होती है। इसके तहत बताना पड़ता है कि उनका परिसर कितने क्षेत्र में और कहां बना हुआ है। शिक्षकों और छात्रों की संख्या क्या है। कॉलेज में छात्रों को कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कितनी कक्षाएं चली हैं, उनमें छात्रों की उपस्थिति क्या रही है।