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Gorakhpur News: 12 अस्पतालों को कड़े निर्देश... आयुष्मान मरीजों से किसी भी रूप में वसूली बर्दाश्त नहीं
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- आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उल्लंघन के मामलों की हुई समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्डधारक मरीजों के साथ हो रही लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के मामलों की समीक्षा बैठक बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। इसमें 12 अस्पतालों के खिलाफ दर्ज शिकायतों की गंभीरता पर जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा ने स्पष्ट किया कि मरीजों से एक भी रुपया लेने की अनुमति नहीं है और सभी अस्पतालों को पूरी तरह कैशलेस इलाज सुनिश्चित करना होगा। यदि कोई अस्पताल नियम तोड़ेगा तो उसके खिलाफ 20 गुना वसूली, पैनल से बाहर करना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और योजना से जुड़े अस्पतालों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए कि मरीजों को पैकेज, जांच और इलाज की पूरी जानकारी पहले ही दी जाए। फर्जी कार्ड की स्थिति में बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही इलाज होगा। इसके अलावा नए आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज करने और मरीजों को जांच या इंटरनल इंक्वायरी के नाम पर परेशान न करने के निर्देश भी दिए गए। जिला विकास अधिकारी ने कहा कि यह अंतिम चेतावनी है और योजना के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सम्मानजनक, पारदर्शी और निशुल्क इलाज सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्डधारक मरीजों के साथ हो रही लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के मामलों की समीक्षा बैठक बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। इसमें 12 अस्पतालों के खिलाफ दर्ज शिकायतों की गंभीरता पर जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा ने स्पष्ट किया कि मरीजों से एक भी रुपया लेने की अनुमति नहीं है और सभी अस्पतालों को पूरी तरह कैशलेस इलाज सुनिश्चित करना होगा। यदि कोई अस्पताल नियम तोड़ेगा तो उसके खिलाफ 20 गुना वसूली, पैनल से बाहर करना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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इसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और योजना से जुड़े अस्पतालों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए कि मरीजों को पैकेज, जांच और इलाज की पूरी जानकारी पहले ही दी जाए। फर्जी कार्ड की स्थिति में बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही इलाज होगा। इसके अलावा नए आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज करने और मरीजों को जांच या इंटरनल इंक्वायरी के नाम पर परेशान न करने के निर्देश भी दिए गए। जिला विकास अधिकारी ने कहा कि यह अंतिम चेतावनी है और योजना के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सम्मानजनक, पारदर्शी और निशुल्क इलाज सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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