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Gorakhpur News: एस्टीमेट स्वीकृति के बिना ही शिफ्ट कर दी 11 केवी लाइन
Sun, 08 Nov 2026 09:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 08 Nov 2026 09:24 PM IST
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गोरखपुर। चौरीचौरा के चौरा गांव में 11 केवी लाइन शिफ्टिंग का मामला तूल पकड़ने लगा है। निर्माणाधीन मकान से लाइन हटाने के लिए पीसीसी पोल पर करीब छह फीट लंबा एंगल बांधकर लाइन ऊंची कर दी गई।
आरोप है कि अवर अभियंता ने बिना एस्टीमेट स्वीकृत कराए ही काम करा दिया। बिजली निगम ने मकान मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया है, जबकि जेई की भूमिका की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई है।
अधीक्षण अभियंता ग्रामीण प्रथम केके राठौर ने अधिशासी अभियंता देवेंद्र गुप्ता और सहायक लेखाकार अभिनव चौबे को जांच सौंपी है। भवन का छज्जा तोड़ने के लिए एसडीएम से संस्तुति भी की गई है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि मकान मालिक पर कार्रवाई हुई, लेकिन जेई पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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जेई मनोज गुप्ता वर्ष 2019 से मार्च 2026 तक सहजनवां खंड में तैनात थे। इस दौरान कई अभिलेख ऑडिट टीम को नहीं मिले थे। इस पर वेतन रोकने की संस्तुति भी की गई थी। अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि जेई की भूमिका की जांच कराई जा रही है।
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आरोप है कि अवर अभियंता ने बिना एस्टीमेट स्वीकृत कराए ही काम करा दिया। बिजली निगम ने मकान मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया है, जबकि जेई की भूमिका की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई है।
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अधीक्षण अभियंता ग्रामीण प्रथम केके राठौर ने अधिशासी अभियंता देवेंद्र गुप्ता और सहायक लेखाकार अभिनव चौबे को जांच सौंपी है। भवन का छज्जा तोड़ने के लिए एसडीएम से संस्तुति भी की गई है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि मकान मालिक पर कार्रवाई हुई, लेकिन जेई पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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जेई मनोज गुप्ता वर्ष 2019 से मार्च 2026 तक सहजनवां खंड में तैनात थे। इस दौरान कई अभिलेख ऑडिट टीम को नहीं मिले थे। इस पर वेतन रोकने की संस्तुति भी की गई थी। अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि जेई की भूमिका की जांच कराई जा रही है।