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Gorakhpur News: नेपाल में गंडक नदी पर बाढ़ बचाव की दस परियोजनाओं पर खर्च होगा 103 करोड़
Tue, 23 Apr 2024 05:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 23 Apr 2024 05:24 AM IST
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स्थायी संचालन समिति की स्वीकृति के बाद हुआ टेंडर, सिंचाई विभाग करा रहा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नेपाल में गंडक नदी पर बने तटबंधों की सुरक्षा के लिए सिंचाई मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित स्थायी संचालन समिति की बैठक में दस परियोजनाओं पर अंतिम मुहर लगने के बाद उनका टेंडर कर दिया गया। इन पर 103.45 करोड़ की लागत आएगी। टेंडर खुलने के बाद उस पर काम भी शुरू हो गया है। विभाग का दावा है कि सभी कार्यों को समय से पूरा करा लिया जाएगा।
बता दें कि नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी महराजगंज, कुशीनगर, होते बिहार तक जाती है। गंडक नदी के नेपाल से निकलने के कारण वहां के तटबंधों के रखरखाव की जिम्मेदारी भारत सरकार की होती है। ऐसा माना जाता है कि यदि नेपाल में गंडक नदी पर बना तटबंध टूटा तो सबसे अधिक तबाही भारत में होगी। इस लिए भारत-नेपाल मैत्री संधि के तहत गंडक नदी पर बने तटबंध की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत सरकार की होती है। इस लिए हर साल बाढ़ समाप्त होने के बाद जीएफसीसी- गंगा फ्लड कंट्रोल कमिशन जिसका मुख्यालय पटना में होता है उसकी टीम गंडक क्षेत्र का दौरा करती है। जीएफसीसी की टीम में बिहार और यूपी के विभिन्न विभागों के एक्सपर्ट अभियंता शामिल होते हैं। रूणकी जैसे आईआईटी संस्थान के एक्सपर्ट अपनी रिपोर्ट देते हैं कि किन स्थानों पर बाढ़ बचाव के कौन से उपाय किए जाने हैं। उस हिसाब से प्रोजेक्ट बनता है। स्थानीय स्तर पर परीक्षण के बाद मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री की अध्यक्षता में बनाई गई संचालन समिति की बैठक में उसे रखा जाता है। वहां से अंतिम मुहर लगने के बाद गंडक डिविजन उसका टेंडर करता है। टेंडर के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू होती है।
इन परियोजनाओं की मिली है स्वीकृति
नेपाल राष्ट्र के नवल परासी में बड़ी गंडक नदी के दाये तट पर स्थित बी गैप तटबंध पर स्पर संख्या 15 के पुर्नस्थापना की परियोजना। इसके निर्माण पर खर्च होगा 739.57 लाख।
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इसी प्रकार बी गैप तटबंध पर स्पर संख्या 12 के डाउन स्ट्रीम में टेट्रापोड लगाने की परियोजना। इस पर 969.81लाख खर्च होगा।
बी गेप पर स्पर संख्या 13के क्षतिग्रस्त अपरन की पुर्नस्थापना एवं टेट्रापोड लगाने का कार्य इसके निर्माण पर खर्च होगा 1540.02 लाख।
गंडक नदी के दाएं तट पर स्पर संख्या 14 तक एजक्रेटिंग निर्माण की परियोजना। इसके निर्माण पर 793.01 लाख की लागत आएगी।
इसी प्रकार बी गैप तटबंध पर स्पर संख्या 16एवं 17 पर बेडवार निर्माणा की परियोजना। इसके निर्माण पर खर्च होगा 502.43 लाख।
नवलपरासी में बाल्मीकी बैराज के अनुप्रवाह में गंडक नदी के दाहिने किनारे पर नदी प्रशिक्षण उपाय के लिए जलीय प्रतिमान अध्ययन के कार्य की परियोजना। इस पर खर्च होगा 369.19 लाख।
गंडक नदी के दाए लिंक तटबंध पर स्पर संख्या 5 एवं बेडवार संख्या 5ए के मध्य लूप बंद करने की परियोजना। इस पर खर्च होगा827.87 लाख।
गंडक नदी के दाये तट पर सड़क परियोजना। इस पर खर्च होगा 1692182 लाख।
नेपाल बांध के किमी 7.200 से किलो मीटर 9.140 तक सड़ निर्माण की परियोजना। इसके निर्माण परर खर्च होगा 1425.12 लाख।
जनपद महराजगंज में बड़ी गंडक नदी के दाये तट पर सड़क निर्माण की परियोजना। इसके निर्माण पर खर्च होगा 1485.18 लाख।
नेपाल राष्ट्र की सभी दस परियोजनाओं का टेंडर कर दिया गया। सभी का बांड गठित कर उस पर काम शुरू करा दिया गया है। काम तेजी से चल रहा है। विभाग की पूरी कोशिश हो रही है कि 80 प्रतिशत कार्य को मई में करा दिया जाए। 10 जून तक हम 90 प्रतिशत कार्य को करा लेंगे। इस दिशा में निरंतर प्रयास हो रहा है। सरकार की तरफ से जो मानक तय किया गया है उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।
विकास कुमार सिंह मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नेपाल में गंडक नदी पर बने तटबंधों की सुरक्षा के लिए सिंचाई मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित स्थायी संचालन समिति की बैठक में दस परियोजनाओं पर अंतिम मुहर लगने के बाद उनका टेंडर कर दिया गया। इन पर 103.45 करोड़ की लागत आएगी। टेंडर खुलने के बाद उस पर काम भी शुरू हो गया है। विभाग का दावा है कि सभी कार्यों को समय से पूरा करा लिया जाएगा।
बता दें कि नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी महराजगंज, कुशीनगर, होते बिहार तक जाती है। गंडक नदी के नेपाल से निकलने के कारण वहां के तटबंधों के रखरखाव की जिम्मेदारी भारत सरकार की होती है। ऐसा माना जाता है कि यदि नेपाल में गंडक नदी पर बना तटबंध टूटा तो सबसे अधिक तबाही भारत में होगी। इस लिए भारत-नेपाल मैत्री संधि के तहत गंडक नदी पर बने तटबंध की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत सरकार की होती है। इस लिए हर साल बाढ़ समाप्त होने के बाद जीएफसीसी- गंगा फ्लड कंट्रोल कमिशन जिसका मुख्यालय पटना में होता है उसकी टीम गंडक क्षेत्र का दौरा करती है। जीएफसीसी की टीम में बिहार और यूपी के विभिन्न विभागों के एक्सपर्ट अभियंता शामिल होते हैं। रूणकी जैसे आईआईटी संस्थान के एक्सपर्ट अपनी रिपोर्ट देते हैं कि किन स्थानों पर बाढ़ बचाव के कौन से उपाय किए जाने हैं। उस हिसाब से प्रोजेक्ट बनता है। स्थानीय स्तर पर परीक्षण के बाद मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री की अध्यक्षता में बनाई गई संचालन समिति की बैठक में उसे रखा जाता है। वहां से अंतिम मुहर लगने के बाद गंडक डिविजन उसका टेंडर करता है। टेंडर के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू होती है।
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इन परियोजनाओं की मिली है स्वीकृति
नेपाल राष्ट्र के नवल परासी में बड़ी गंडक नदी के दाये तट पर स्थित बी गैप तटबंध पर स्पर संख्या 15 के पुर्नस्थापना की परियोजना। इसके निर्माण पर खर्च होगा 739.57 लाख।
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इसी प्रकार बी गैप तटबंध पर स्पर संख्या 12 के डाउन स्ट्रीम में टेट्रापोड लगाने की परियोजना। इस पर 969.81लाख खर्च होगा।
बी गेप पर स्पर संख्या 13के क्षतिग्रस्त अपरन की पुर्नस्थापना एवं टेट्रापोड लगाने का कार्य इसके निर्माण पर खर्च होगा 1540.02 लाख।
गंडक नदी के दाएं तट पर स्पर संख्या 14 तक एजक्रेटिंग निर्माण की परियोजना। इसके निर्माण पर 793.01 लाख की लागत आएगी।
इसी प्रकार बी गैप तटबंध पर स्पर संख्या 16एवं 17 पर बेडवार निर्माणा की परियोजना। इसके निर्माण पर खर्च होगा 502.43 लाख।
नवलपरासी में बाल्मीकी बैराज के अनुप्रवाह में गंडक नदी के दाहिने किनारे पर नदी प्रशिक्षण उपाय के लिए जलीय प्रतिमान अध्ययन के कार्य की परियोजना। इस पर खर्च होगा 369.19 लाख।
गंडक नदी के दाए लिंक तटबंध पर स्पर संख्या 5 एवं बेडवार संख्या 5ए के मध्य लूप बंद करने की परियोजना। इस पर खर्च होगा827.87 लाख।
गंडक नदी के दाये तट पर सड़क परियोजना। इस पर खर्च होगा 1692182 लाख।
नेपाल बांध के किमी 7.200 से किलो मीटर 9.140 तक सड़ निर्माण की परियोजना। इसके निर्माण परर खर्च होगा 1425.12 लाख।
जनपद महराजगंज में बड़ी गंडक नदी के दाये तट पर सड़क निर्माण की परियोजना। इसके निर्माण पर खर्च होगा 1485.18 लाख।
नेपाल राष्ट्र की सभी दस परियोजनाओं का टेंडर कर दिया गया। सभी का बांड गठित कर उस पर काम शुरू करा दिया गया है। काम तेजी से चल रहा है। विभाग की पूरी कोशिश हो रही है कि 80 प्रतिशत कार्य को मई में करा दिया जाए। 10 जून तक हम 90 प्रतिशत कार्य को करा लेंगे। इस दिशा में निरंतर प्रयास हो रहा है। सरकार की तरफ से जो मानक तय किया गया है उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।
विकास कुमार सिंह मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग