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दिल्लीः ग्रीन कॉरिडोर से बचाई दिल के मरीज की जान
Wed, 13 Nov 2019 01:36 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 13 Nov 2019 01:36 AM IST
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ग्रीन कॉरिडोर
- फोटो : amar ujala
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यातायात पुलिस ने सोमवार को आईजीआई एयरपोर्ट से ओखला के फोर्टिस अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दिल के मरीज की जान बचाई। फोर्टिस में भर्ती मरीज के लिए आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से हार्ट ट्रांसपोर्ट किया गया।
इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इससे एंबुलेंस ने एयरपोर्ट से अस्पताल की 22.5 किमी की दूरी महज 19.5 मिनट में तय कर ली। इसके बाद अस्पताल में एडवांस्ड हार्ट फेल्योर प्रोग्राम के प्रमुख विशाल रस्तोगी की टीम ने दिल्ली के 63 वर्षीय व्यक्ति का जीवन बचा लिया।
डॉक्टर रस्तोगी के मुताबिक, आंध्र के विजयवाड़ा निवासी 48 वर्षीय ब्रेन डेड व्यक्ति के परिजनों ने उसके अंग दान किए थे। दिल, फेफड़े, किडनी और लिवर दान कर 6 जिंदगियां बचाई गईं। 10 नवंबर को नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (नोटो) की वेबसाइट पर ब्रेन डेड व्यक्ति के परिजनों ने अंगदान की इच्छा जताई थी।
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कार्डियक सर्जन डॉक्टर जेडएस मेहरवाल के मुताबिक, एफईएचआई ने नोटो से पुष्टि के बाद डॉ. मनमोहन के नेतृत्व में टीम भेजी। सोमवार रात 12 बजे एयरपोर्ट टर्मिनल-3 से लेकर एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट ओखला तक दिल ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लाया गया। पूरी रात ऑपरेशन चला, जो सफल रहा।
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इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इससे एंबुलेंस ने एयरपोर्ट से अस्पताल की 22.5 किमी की दूरी महज 19.5 मिनट में तय कर ली। इसके बाद अस्पताल में एडवांस्ड हार्ट फेल्योर प्रोग्राम के प्रमुख विशाल रस्तोगी की टीम ने दिल्ली के 63 वर्षीय व्यक्ति का जीवन बचा लिया।
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डॉक्टर रस्तोगी के मुताबिक, आंध्र के विजयवाड़ा निवासी 48 वर्षीय ब्रेन डेड व्यक्ति के परिजनों ने उसके अंग दान किए थे। दिल, फेफड़े, किडनी और लिवर दान कर 6 जिंदगियां बचाई गईं। 10 नवंबर को नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (नोटो) की वेबसाइट पर ब्रेन डेड व्यक्ति के परिजनों ने अंगदान की इच्छा जताई थी।
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कार्डियक सर्जन डॉक्टर जेडएस मेहरवाल के मुताबिक, एफईएचआई ने नोटो से पुष्टि के बाद डॉ. मनमोहन के नेतृत्व में टीम भेजी। सोमवार रात 12 बजे एयरपोर्ट टर्मिनल-3 से लेकर एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट ओखला तक दिल ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लाया गया। पूरी रात ऑपरेशन चला, जो सफल रहा।