दिल्ली: कारीगिरी का बेजोड़ नमूना लाल किला आज के ही दिन 1648 में हुआ था तैयार
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मुगलिया सल्तनत की कारीगिरी का बेजोड़ नमूना लाल किला 1648 में 13 मई को बनकर हुआ था तैयार
आर्किटेक्ट उस्ताद अहमद लाहौरी ने तैयार किया डिजाइन
दिल्ली का लाल किला संगमरमर पर फूलों की नक्काशी और दो गुंबदों वाले किले को एक दीवार ने घेर रखा है। इसकी लंबाई 2.41 किमी है। इसे लाल पत्थर द्वारा बनाया गया है। लालकिले को तैयार होने में 10 साल लगे। इसका डिजाइन आर्किटेक्ट उस्ताद अहमद लाहौरी ने तैयार किया और इसके साथ ही ताजमहल का खाका भी खींचा था।
अंग्रेजों ने भी तबाह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी
साल 1747 में नादिर शाह ने दिल्ली पर चढ़ाई कर इसे लूटा और बाद में अंग्रेजों ने भी इसे तबाह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सन् 1638 में जब मुगलिया सल्तनत की राजधानी आगरा से दिल्ली बनी, तो लाल किला बनवाने का काम शुरू किया गया। लाल किला करीब 200 साल तक मुगल बादशाह के प्रमुख आवास के रूप में रहा।