कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच वायरस के खिलाफ चल रहे अपने संघर्ष को धार देने के लिए दिल्ली सरकार ने पांच हथियारों का इस्तेमाल किया है। इसमें बेड की पर्याप्त संख्या, जांच व आइसोलेशन, ऑक्सी मीटर व ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, प्लाज्मा थेरेपी और सर्वे व स्क्रीनिंग शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इनके सहारे कोरोना को हराया जा सकता है।
केजरीवाल का एलानः कोरोना को पांच उपायों से शिकस्त देगी दिल्ली सरकार
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पहले बेड की कमी थी, लेकिन अब खाली
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहले हथियार के तौर पर बेड की संख्या बढ़ाई गई। दिल्ली के सभी बड़े अस्पतालों में कम से कम 40 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए सुरक्षित कर दिए। कुछ बड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को पूरी तरह से कोविड-19 अस्पताल घोषित कर दिया गया। कई बड़े होटलों को अस्पतालों के साथ जोड़ा गया। एक महीने में होटलों के अंदर करीब 3500 बेड तैयार किए हैं। दूसरी तरफ राधा स्वामी सत्संग ब्यास में 2000 बेड और तैयार हैं, यहां कुल 10 हजार बेड बहुत जल्द तैयार हो जाएंगे। बुराड़ी अस्पताल में अभी निर्माण कार्य चल रहा है। उसमें अस्थायी तौर पर 450 बेड और तैयार कर रहे हैं। फिलहाल दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए करीब 13500 बेड हैं। इसमें से 7500 खाली पड़े हैं, केवल 6000 बेड ही भरे हैं। पहले बेड की कमी थी, लेकिन अब बेड खाली हैं।
दिल्ली में बड़े स्तर पर जांच चल रही
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि जून के पहले सप्ताह में जहां प्रतिदिन 5000 नमूनों की जांच हो रही थी, वहीं आज दिल्ली में 20000 नमूनों की जांच प्रतिदिन हो रही है। पूरे देश में यह सबसे ज्यादा है। कोरोना मरीज मिलने पर उसको आइसोलेट किया जा रहा है। इस काम में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग है। केंद्र सरकार ने दिल्ली को एंटीजन टेस्ट में मदद की। उन्होंने पहले हमें कुछ किट दी। हालांकि, अब दिल्ली सरकार ने छह लाख किट खुद भी खरीद ली हैं।
हर बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था करने की कोशिश
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि करोना में सबसे बड़ी समस्या मरीज में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से मरीज की मौत हो जाती है, इसलिए जितने लोग अपने घरों में इलाज करा रहे हैं, उन सभी लोगों को ऑक्सी मीटर दे दिए हैं। इससे पता चल जाता है कि ऑक्सीजन स्तर क्या है। अगर ऑक्सीजन का स्तर कम होता है, तो सरकार तुरंत ऑक्सीजन मुहैया कराएगी। ऑक्सी मीटर मरीजों के लिए कवच का काम कर रहा है। केजरीवाल के मुताबिक, यदि कोई अस्पताल में आए तो उसको ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी नहीं होनी चाहिए, इसलिए कोशिश है कि हर बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, इसलिए करीब 4000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदे हैं।
प्लाज्मा थेरेपी दे रही राहत
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी मददगार साबित हुई है। शुरुआत में 29 मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी दी गई। इसकी रिपोर्ट जब केंद्र सरकार के ड्रग एंड कंट्रोलर ऑफ इंडिया को दी गई तो उसने दिल्ली में दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के अस्पतालों के अलावा अन्य प्राइवेट अस्पतालों में भी प्लाज्मा थेरेपी की मंजूरी देनी शुरू कर दी है। अब प्लाज्मा थेरेपी कई लोग इस्तेमाल कर रहे हैं।