टो किए वाहन का नया ठिकाना!: खींचे गए वाहन का बेवसाइट से लगा पाएंगे पता, एलजी ने अपग्रेडेड वेबसाइट लॉन्च की
उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने बृहस्पतिवार को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की उन्नत वेबसाइट शुरू की। इससे टो किए वाहनों का स्थान जानने और चालान का भुगतान करने में मदद मिलेगी।
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अगर आप अपने वाहन को पार्किंग में पार्क नहीं करते हैं और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस वाहन को टो (उठा लेती है) तो आप आप दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की बेवसाइट पर जाकर पता कर सकते हैं कि आपका वाहन कहां है। यानी टो कर उसे किस पिट में ले जाया गया है। दिल्ली के उपराज्पाल तरणजीत सिंह संधू ने बृहस्पतिवार को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की अपग्रेडेड वेबसाइट लॉन्च की। नए और बेहतर इंटरैक्टिव और जानकारीपूर्ण प्लेटफार्म का फोकस आसान एक्सेस, नागरिकों की सुविधा और साइबर सुरक्षा पर जोर दिया गया है। लोग अपनी टो की गई गाड़ी की लोकेशन वेबसाइट पर ही पता कर सकते हैं, इसके लिए उन्हें इधर-उधर भटकने की ज़रूरत नहीं होगी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रतीक्षा गोदारा ने बताया कि वेबसाइट लोगों को उनकी गाड़ियों के चालान के बारे में जानने और क्यूआर कोड के जरिए उनका पेमेंट करने की सुविधा भी देती है। इस मौके पर पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार, स्पेशल सीपी (ट्रैफिक) अजय चौधरी, जॉइंट सीपी (ट्रैफिक), एडिशनल सीपी (ट्रैफिक) और डीसीपी मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि आने-जाने वालों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई यह नई वेबसाइट यूजर-फ़्रेंडली है और इसे मोबाइल फोन पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। यह नागरिकों को मोबाइल फोन, टैबलेट और अन्य डिवाइस के जरिए आसानी से जानकारी और सेवाओं तक पहुंचने की सुविधा देती है। यह वेबसाइट किसी भी नागरिक को गाड़ी का नंबर डालकर अपनी गाड़ी के चालान के बारे में जानने और देखने की सुविधा देती है, साथ ही क्यूआर कोड के ज़रिए चालान की राशि का पेमेंट करने का विकल्प भी देती है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त गोदारा ने बताया कि वेबसाइट को भविष्य के हिसाब से तैयार किया गया है, ताकि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की नई सेवाओं और नागरिकों पर केंद्रित पहलों को शुरू होने पर इसमें जोड़ा जा सके। एक सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल इंटरफेस देने के लिए बेहतर साइबर सुरक्षा उपाय भी शामिल किए गए हैं।
वेबसाइट यूजर्स को ऐसे फीचर देती है जिनसे वे सबसे अच्छा रास्ता और सड़कों पर ट्रैफिक की स्थिति का पता लगा सकते हैं। इसमें एक इंटरैक्टिव लिंक भी है जहाँ यूजर सड़क पर लगे अलग-अलग साइन और मार्किंग का मतलब समझ सकते हैं, जिससे उनके लिए नियमों का पालन करना आसान हो जाता है। इस मौके पर बोलते हुए, माननीय उप-राज्यपाल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह प्लेटफ़ॉर्म केवल प्रशासनिक कामकाज तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए।
प्लेटफार्म तैयार किया गया है-
प्रतिक्षा गोदारा ने बताया कि इस वेबसाइट को भविष्य के लिए तैयार प्लेटफार्म के तौर पर बनाया गया है, जिससे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की नई सेवाओं और नागरिकों पर केंद्रित पहलों को शुरू होते ही इसमें जोड़ा जा सके। एक सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल इंटरफेस देने के लिए इसमें बेहतर साइबर सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं। यह वेबसाइट यूज़र्स को ऐसे फीचर देती है जिनसे वे सबसे अच्छा रास्ता और सड़कों पर ट्रैफिक की स्थिति का पता लगा सकते हैं। इसमें एक इंटरैक्टिव लिंक भी है, जहां यूजर सड़क पर लगे अलग-अलग साइन और मार्किंग का मतलब समझ सकते हैं, जिससे उनके लिए नियमों का पालन करना आसान हो जाता है।
उपराज्यपाल ने ये कहा-
इस मौके पर बोलते हुए, उप-राज्यपाल ने जोर दिया कि यह प्लेटफार्म सिर्फ एक एडमिनिस्ट्रेटिव इंटरफेस न रहे, बल्कि सड़क सुरक्षा जागरूकता नागरिक शिक्षा और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के लिए एक इंटरैक्टिव हब बने। उन्होंने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके सार्वजनिक सेवाओं को नागरिको की जरूरतों के हिसाब से ज़्यादा सुलभ, कुशल और बेहतर बनाने पर जोर दिया। अपग्रेड की गई यह वेबसाइट दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस की उस लगातार कोशिश को दिखाती है जिसमें वे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सिर्फ़ जानकारी देने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए ट्रैफिक सेवाओं के साथ रोज़ाना के कामकाज को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए कर रहे हैं।