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दिल्ली में उफान पर यमुना: खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी, निचले इलाकों में अलर्ट घोषित
Tue, 27 Sep 2022 10:07 AM IST
आकाश दुबे
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 27 Sep 2022 10:07 AM IST
सार
यमुना नदीं खतरे के निशान से ऊपर बह रही। नदी का जलस्तर आज दोपहर 2 बजे 206.30 मीटर पर पहुंच गया। यमुना नदी के खतरे का निशान 205.33 मीटर है।
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यमुना नदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली में यमुना किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए निकासी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। और नदी का जलस्तर 205.33 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही। नदी का जलस्तर आज दोपहर 2 बजे 206.30 मीटर पर पहुंच गया। यमुना नदी के खतरे का निशान 205.33 मीटर है। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के बाद इस साल अब तक का सबसे अधिक है।
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पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट अनिल बांका ने बताया कि जलस्तर 206 मीटर के स्तर को पार करने के बाद मंगलवार सुबह निकासी अलर्ट जारी किया गया था। नदी के किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को खाली कराया जा रहा है और ऊंचे स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों और आसपास के इलाकों में रैन बसेरों में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है ।
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अनिल बांका ने बताया कि जल स्तर में और वृद्धि के बारे में लोगों को सावधान करने के लिए घोषणाएं की जा रही हैं। दिल्ली में नदी के पास के निचले इलाकों को बाढ़ की चपेट में माना जाता है। वहां लगभग 37,000 लोगों के घर हैं। दो महीने के भीतर यह दूसरी बार है जब अधिकारी निचले इलाकों में बाढ़ के कारण नदी के बाढ़ के मैदानों में रहने वाले लोगों को निकाल रहे हैं। यमुना ने 12 अगस्त को 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर लिया था, जिसके बाद लगभग 7,000 लोगों को नदी के किनारे के निचले इलाकों से निकाला गया था।
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दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने कहा कि पुरानी दिल्ली रेलवे पुल पर जल स्तर मंगलवार सुबह 5.45 बजे निकासी स्तर 206 मीटर को पार कर गया। सुबह 8 बजे तक नदी बढ़कर 206.16 मीटर हो गई। बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने बताया कि दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे के बीच जल स्तर बढ़कर 206.5 मीटर हो सकता है।अधिकारियों ने हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से सुबह 7 बजे लगभग 96,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की सूचना दी।
यमुना नदी प्रणाली के जलग्रहण क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली के कुछ हिस्से शामिल हैं। आम तौर पर हथिनीकुंड बैराज में पानी छोड़ने की दर 352 क्यूसेक होती है। लेकिन जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद पानी का बहाव बढ़ जाता है। बैराज से छोड़े गए पानी को राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंचने में आमतौर पर दो से तीन दिन लगते हैं।