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यमुना एक्सप्रेसवे टोल मामला पहुंचा हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 30 Sep 2014 04:30 AM IST
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यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स वसूलने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष कुंवर एमजेड खान की तरफ से याचिका दायर की गई है। इस मामले में 10 अक्तूबर को सुनवाई होगी।
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एमजेड खान ने बताया कि याचिका में एक्सप्रेसवे बनाने के एवज में दी गई पांच छूट के बावजूद भारी-भरकम टोल वसूलने को आधार बनाया गया है। उनका कहना है कि पहली छूट एक्सप्रेसवे बनाने के एवज में जेपी ग्रुप को नोएडा के सेक्टर-128, 129, 131 132 व 133 में जमीन दे दी गई।
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दूसरा, इन सेक्टरों को किसी भी रेट पर किसी भी उपयोग के लिए बेचने का हक कंपनी को दे दिया गया। तीसरा, रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क से पूरी तरह छूट दे दी गई, सिर्फ 100 रुपये के स्टांप पेपर रजिस्ट्री कर दी गई।
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चौथा, यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ करीब 2500 हेक्टेयर जमीन कंपनी को दे दी गई। पांचवीं छूट कंपनी को 38 साल के लिए टोल वसूलने का भी अधिकार दे दिया गया।
उनका कहना है कि इतनी राहत देने के बाद टोल लगाने का कोई मतलब नहीं है, मगर सरकार ने टोल लगाने की भी छूट दे दी, जबकि पीपीपी मॉडल पर किसी प्रोजेक्ट के बनने पर कोई एक छूट ही देेने का प्रावधान है।
उन्होंने यह भी बताया कि सीएजी ने भी अपनी रिपोर्ट में इन्हीं मुद्दों को उठाया है। उन्होंने 10 अक्तूबर को पहली सुनवाई के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर टोल लगाने का मसला भी इसी याचिका में जुड़वाने की बात कही है।