जुलाई 2015 से फरार थी यादव सिंह की पत्नी, अब जाकर किया सरेंडर
नोएडा टेंडर घोटाले के दो मामलों में तीन साल से फरार चल रही मुख्य अभियुक्त यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता ने शनिवार को सीबीआई की अदालत में सरेंडर कर दिया। विशेष अदालत ने कुसुमलता की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सीबीआई उसे 30 दिन तक गिरफ्तार नहीं कर सकती है। कोर्ट ने कुर्की की कार्रवाई करते हुए उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था। नोएडा टेंडर घोटाले और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में कुसुमलता जुलाई 2015 से फरार चल रही थी।
कोर्ट ने उसके खिलाफ 50 बार गैर जमानती वारंट जारी किया था। अदालत ने 29 अप्रैल 2016 को इस मामले का संज्ञान लिया था। यादव सिंह की 50 लाख रुपये की काली कमाई को सफेद करने में सहायता करने के आरोप में सीबीआई ने कुसुमलता को भी अभियुक्त बनाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने सात सितंबर को अर्जी पर सुनवाई करते हुए कुसुमलता को आदेश दिया था कि वह दो सप्ताह के भीतर सीबीआई कोर्ट में पेश हो। उसके बाद कुसुमलता को कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा। खराब सेहत के नाम पर दी गई कुसुमलता की जमानत अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया।