जमानत भी नहीं बचा पाए ये बड़े-बड़े सूरमा!
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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपनी सातों सीटें ही नहीं खोईं बल्कि उसके चार दिग्गज अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे एवं सांसद संदीप दीक्षित की जमानत भी मात्र 3785 मतों के कारण ही बच पाई।
इस चुनाव में भाग्य आजमा रहे कुल 150 प्रत्याशियों में से 133 की जमानत जब्त हो गई। पिछले 30 साल के दौरान आम चुनाव में यह पहला मौका है, जब किसी राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी का राजधानी में यह हाल हुआ हो।
कांग्रेस की इतनी बुरी स्थिति शायद ही कभी रही हो कि दिग्गज नेता भी अपनी जमानत जब्त होने से न बचा सके हों और पूरे देश से भी कांग्रेस दहाई सीटों का आंकड़ा न पार कर सकी हो।
अगर इतने वोट पाते तो बचा लेते जमानत
इस लोकसभा चुनाव में दिल्ली से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस कई बड़े चेहरों की स्थिति बहुत ही खराब रही। उत्तर पूर्वी लोकसभा सीट पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जय प्रकाश को कुल पड़े 1313812 मतों में से मात्र 214792 वोट ही मिले।
नियम के अनुसार, जमानत बचाने के लिए कुल मतदान का छठा हिस्सा प्राप्त होना जरूरी होता है। इसके लिए कम से कम 218868 मत चाहिए थे।
वहीं, उत्तर-पूर्वी लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ 1356404 में से मात्र 157242 वोट ही हासिल कर पाईं। जमानत बचाने के लिए उन्हें 226118 मतों की जरूरत थी।
‘आप’ के सातों प्रत्याशी अच्छी स्थिति में
देखा जाए तो इस चुनाव में जितना बुरा हाल कांग्रेस का हुआ उतना तो ‘आप’ का भी नहीं हुआ। दक्षिणी दिल्ली लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रमेश कुमार 1102849 में से मात्र 125213 मत ही जुटा पाए।
उन्हें भी इसके लिए 183888 मतों की जरूरत थी। उधर, लोकसभा चुनाव में कुल 150 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से 133 की जमानत जब्त हो गई।
भाजपा ने क्लीन स्वीप किया तो ‘आप’ के सभी सातों प्रत्याशी अच्छी स्थिति में रहे। इसी प्रकार कांग्रेस के वर्तमान तीन सांसद ही जमानत बचा पाए।