'महिला की सहमति के बिना उसे किसी को छूने का अधिकार नहीं'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिला की सहमति के बिना उसे छूने का किसी को अधिकार नहीं है। यह टिप्पणी सत्र अदालत ने आर्मी अस्पताल कर्मी की सजा कायम रखते हुए की है।
निचली अदालत ने छेड़छाड़ मामले में दोषी ठहराते हुए कर्मी को छह माह की सजा सुनाई थी। इस फैसले को उसने सत्र अदालत में चुनौती दी थी।
द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने आर्मी अस्पताल के स्टेनोग्राफर अशोक कुमार की याचिका खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड से साफ है कि याची ने पीड़िता को छेड़छाड़ के इरादे से अपने चैंबर में खींचा।
जब वो काम कर रही थी तो अशोक कुमार ने उससे छेड़छाड़ की
सत्र अदालत ने याचिका खारिज करते हुए उसे मिली छह माह की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा को कायम रखा है।
अदालत ने मामले में पीड़िता छात्रा के बयान को भरोसेमंद मानते हुए कहा कि बयान उस शिकायत से मेल खाता है जो उसने थाने व जांच के दौरान पुलिस को दिया।
अभियोजन के मुताबिक धौला कुआं थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर 2 फरवरी 2011 को एफआईआर दर्ज की थी। पीड़िता का आरोप था कि जब वह सीटी सेंटर में काम कर रही थी तो अशोक कुमार ने उससे छेड़छाड़ की।