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निहंगों के साथ बाज प्रताप सिंह भी बॉर्डर पर डटा, बैरिकेड पर रहता है 'अलर्ट'

Mon, 14 Dec 2020 04:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 14 Dec 2020 04:03 AM IST
सार

  • पंजाब के रोपड़ जिले से निहंग सेना के साथ आया है
  • प्रतिदिन सुबह से शाम तक बैरिकेडिंग पर आता है नजर

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With the Nihangs eagle Pratap Singh also alert on border
प्रताप सिंह नाम का बाज - फोटो : amar ujala

विस्तार

सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों का साथ देने पहुंचे निहंग जत्थे के साथ-साथ प्रताप सिंह नाम का बाज भी लगातार बैरिकेडिंग पर डटकर विरोध प्रदर्शन में शामिल है। उसके साथ सेल्फी लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

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पंजाब के जिला रोपड़ से जत्थे के साथ पहुंचे एक निहंग ने बताया कि बाज पिछले तीन साल से भी अधिक से निहंग सेना के साथ रह रहा है। जब कृषि कानूनों के विरोध में निहंगों  ने किसानोंका साथ देने के लिए दिल्ली की ओर कूच किया तो बाज भी उनके साथ निकल पड़ा और पूरे रास्ते उड़ता हुआ दिल्ली पहुंचा।
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सुबह से शाम बैरिकेडिंग पर डटकर दे रहा है साथ
सिंघु बॉर्डर से पहले ही पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाने के साथ-साथ ट्रकों को भी खड़ा कर रखा है, जिससे किसानों को रोकने में आसानी हो। ऐसे में निहंग सेना ने बैरिकेडिंग के पास ही अपना आशियाना बना रखा है। प्रताप सिंह भी प्रतिदिन सुबह से शाम तक बैरिकेडिंग के पास बैठा रहता है और निहंग सेना का साथ देता है।
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कबड्डी कमेंटेटर जता रहा विरोध
राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी कमेंटेटर के रूप में काम कर चुके अर्श गिल भी किसानों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। वह अपनी गाड़ी के आगे एक प्ले कार्ड लेकर बैठे हैं, जिस पर लिखा है कि ‘मैं किसान नहीं हूं, लेकिन किसानों के साथ हूं।’ उन्होंने कहा कि किसानों की बुरी हालत को देखते हुए उन्होंने पंजाब से दिल्ली का रुख किया और जब तक कृषि कानून को वापस नहीं लिया जाएगा
तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे।

दिल्ली के विभिन्न इलाकों से सेवा देने पहुंचे लोग 
रविवार का दिन होने के कारण दिल्ली की ओर से कई लोग प्रदर्शन में सेवा करने के लिए पहुंचे। प्रदर्शन में जहां महिलाओं ने रसोईघर में सेवा दी वहीं, पुरुषों ने लंगर बांटा और साफ-सफाई की। दिल्ली के करोल बाग से पहुंचे सरदार कुलवंत सिंह ने बताया कि प्रत्येक रविवार को नजदीकी गुरुद्वारे में सेवा करने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन जब अपने हक के लिए बैठे किसान सर्दी में परेशानी झेलने को मजबूर है तो यहां आकर सेवा करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जब तक यह प्रदर्शन खत्म नहीं होगा तब तक प्रत्येक रविवार को यहां आकर सेवा की जाएगी। 


चित्रकला के माध्यम से भी दिखा रहे हुनर
प्रदर्शन में पहुंचे कुछ लोग चित्रकला के माध्यम से भी अपना हुनर दिखा रहे हैं। इसके लिए बैरिकेडिंग के पास ही एक ही संस्था द्वारा रंग व कागज उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, प्रदर्शन में शामिल लोग अपने अनुसार प्रदर्शन के समर्थन में पंक्तियां लिखकर व चित्र बनाकर विरोध प्रकट कर रहे हैं। 

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