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'लिव-इन में रहना था तो क्यों नहीं लिया तलाक'

Sun, 12 Jul 2015 12:29 AM IST
विजय सिंघल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विजय सिंघल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 12 Jul 2015 12:29 AM IST
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'Why did not divorce from husband if wanted to staying in live in with lover.'

पति व चार वर्षीय पुत्री को छोड़ प्रेमी के साथ लिव-इन-रिलेशन में रहने वाली महिला के कृत्य की हाईकोर्ट ने कड़ी निंदा की है।

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अदालत ने कहा कि महिला आशा व उसके प्रेमी रोनी के कृत्य को समाज में कोई स्थान नहीं है और यह भारतीय संस्कृति के भी खिलाफ है।

अदालत ने दोनों को ऐसे कृत्य में लिप्त होने पर फटकार लगाई और प्रेमी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। महिला के पति के साथ रहने से इनकार करने पर अदालत ने उसे तय कानून के अनुसार पहले पति से तलाक लेने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति कैलाश गंभीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने हाल ही में रोनी को तलब कर लिया था।

'पति विरेंद्र से तलाक क्यों नहीं लिया?'

'Why did not divorce from husband if wanted to staying in live in with lover.'

रोनी ने अदालत के समक्ष माना कि उसे पता था कि आशा पहले से विवाहित है और उसकी एक बच्ची भी है। लिव-इन-रिलेशन में उनके एक बच्चा भी हो गया है।

उसने कहा कि वह आशा व अपनी बच्ची को अपनाने के लिए तैयार है। खंडपीठ ने दोनों के कृत्य पर फटकार लगाते हुए कहा कि यदि उनको साथ ही रहना था तो पति विरेंद्र से तलाक क्यों नहीं लिया।

उनका कृत्य स्वीकार योग्य नहीं है। यह अपराध है। खंडपीठ ने कहा कि वे वर्तमान में विरेंद्र द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं ऐसे में वे उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज करने का निर्देश नहीं दे रहे।

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भाग कर रोनी के पास गई

'Why did not divorce from husband if wanted to staying in live in with lover.'

खंडपीठ ने महिला आशा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व घर से भाग कर रोनी के पास चली गई थी। उसके इस प्रकार लापता होने पर लोधी कालोनी व इंद्रपुरी थाना पुलिस को बिना कारण परेशानी उठानी पड़ी।

इतना ही नहीं उसका पता लगाने के लिए स्पेशल सेल पुलिस को नैनीताल तक जाना पड़ा, जबकि वह दिल्ली में अपने प्रेमी के साथ रह रही थी।

अदालत ने रोनी पर 25 हजार रुपये जुर्माना करते हुए उसे यह राशि आशा की विरेंद्र से पैदा हुई बच्ची के नाम एफडीआर करवाने का निर्देश दिया है।

अदालत ने कहा कि यदि वे दोनों साथ ही रहना चाहते हैं तो आशा को पहले विरेंद्र से तलाक लेना होगा।

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क्या है पूरा मामला?

'Why did not divorce from husband if wanted to staying in live in with lover.'

विरेन्द्र ने 1 अगस्त 2013 को लापता हुई आशा का पता लगाने के लिए अपने अधिवक्ता पंकज मेहता के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

22 फरवरी 2010 को विवाह हुआ और 22 नवंबर 11 को एक बच्ची ने जन्म लिया। आशा पहले 1 अगस्त 2013 को इंद्रपुरी स्थित घर से गई और वापस नहीं आई।

बाद में वह 9 अगस्त को पिता के घर मिली। इसके बाद पुन: 22 अगस्त 2013 को वह फिर लापता हो गई। लोधी कॉलानी व इंद्रपुरी थाना पुलिस द्वारा आशा का पता लगाने में असफल रहने पर अदालत ने मामले की जांच स्पेशल सेल को सौंप दी थी।

पुलिस ने मंगलवार को महिला को अदालत में पेश किया और बताया कि वह किसी दूसरे के साथ रह रही है।

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