यूपी पुलिस के तीन अधिकारियों के खिलाफ वारंट
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तीस हजारी अदालत ने उत्तर प्रदेश पुलिस के तीन अधिकारियों के खिलाफ पांच हजार रुपये के जमानती वारंट जारी किए हैं। तीनों पर जेल में बंद नक्सली नेता कोबाद गांधी से जुड़े एक मामले में बतौर गवाह पेश न होने का आरोप है।
अदालत ने उन्हें 5 नवंबर को पेश होने का निर्देश दिया है। 21 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रीतेश सिंह ने कहा कि यह काफी गंभीर मामला है कि पुलिस अधिकारी ही तय तिथि पर गवाही के लिए पेश नहीं होते।
अदालत ने कहा कि उपनिरीक्षक राजीव द्विवेदी, पुलिस उप अधीक्षक समीर सौरभ और राजेश श्रीवास्तव को कोर्ट में पेश होने के लिए समन भेजे गए थे, लेकिन वे नहीं आए।
कोबाद गांधी पर हैं गंभीर आरोप
ऐसे में तीनों की पेशी सुनिश्चित करने के लिए उनके खिलाफ वारंट जारी करना जरूरी है। अदालत ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक की ओर से तीनों अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट तामील कराने का निर्देश दिया।
गौरतलब है कि अदालत ने 16 जुलाई 2012 को कोबाद गांधी पर प्रतिबंधित आतंकी समूह का सदस्य होने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप तय किए थे।
सह आरोपी राजिंदर कुमार फुलारा भी मुकदमे का सामना कर रहे हैं। दोनों ही न्यायिक हिरासत में हैं। फिलहाल इस मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।