वोटर जागरूकता अभियानः पॉश इलाकों पर होगी नजर
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पॉश इलाकों में घटती वोटिंग लगातार चिंता का विषय रही है, लेकिन इस बार ये
वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल में बनाए गए बूथ पर सिर्फ 4.27 फीसदी वोटिंग हुई थी। पॉश इलाके सेक्टर-29 क्षेत्र के लोगों ने बूथ तक जाने की जहमत नहीं उठाई।
यहां केवल पांच लोग वोट डालने पहुंचे, जिनमें एक महिला थी। इस बार प्रशासन की नजर ऐसे ही बूथों पर रहेगी, जहां पिछले चुनाव में वोटिंग प्रतिशत कम था।
वोटिंग बढ़ाने के लिए दलों से सहयोग मांगेगा प्रशासन
ऐसे क्षेत्रों में लोगों को वोट डालने के प्रति जागरूक करने पर विशेष ध्यान
रहेगा।
इस संबंध में राजनीतिक दलों के साथ अधिकारियों की बैठक हो चुकी है।
इसमें दलों से अपील की गई है कि वे लोगों को वोट डालने के लिए अपने स्तर
पर अभियान चलाकर जागरूक करें।
ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाना होगा पोलिंग बूथ
जिला चुनाव तहसीलदार संतलाल का कहना है कि पूरे शहर में वोटर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
वोटिंग प्रतिशत पॉश इलाकों में कम रहता है। ऐसे में उन इलाकों पर प्रशासन का ध्यान अधिक रहेगा।
ताकि लोगों को वहां पर वोट डालने के लिए जागरूक किया जा सके और अधिक से अधिक लोगों को पोलिंग बूथ तक लाया जा सके।
2009 में सबसे कम वोटिंग वाले बूथ
होली चाइल्ड स्कूल के कमरा नंबर दो में सिर्फ 4.27 फीसदी वोट पड़े। पांच मतदाता आए। जबकि इस बूथ पर कुल 117 वोट थे।
लकड़पुर के पोलिंग स्टेशन नंबर 77ए में 29.40 फीसदी ही वोट डाले गए थे। यहां 857 की जगह 252 वोट पड़े थे।
लकड़पुर के पोलिंग स्टेशन नंबर 78 में 29.73 फीसदी वोट पड़े थे। कुछ 1275 की जगह सिर्फ 379 लोगों ने ही वोट डाले।
जीपीएस सेक्टर-29 में कुल 35.74 फीसदी वोट पड़े थे। जिसमें 761 की जगह सिर्फ 272 वोट पड़े।
डीएवी सेक्टर-37 में 37.12 फीसदी वोट पड़े थे। कुल 1091 डाले जाने थे, जबकि 405 लोग ही आए।