एसटीएफ ने जेवर गैंगरेप में आरोपी और 12000 के इनामी बदमाश को किया गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ ने नोएडा में बीती रात जेवर कांड में शामिल कुख्यात अपराधी और 12,000 रुपये के इनामी बदमाश अनिल बावरिया को गिरफ़्तार कर लिया। उस पर डकैती के साथ हत्या और ऐक्सल फेंक कर हाइवे पर लूट-पाट जैसे कई संगीन मुक़दमे उत्तरप्रदेश सहित राजस्थान व मध्यप्रदेश में दर्ज हैं।
हाईवे गैंगरेप के अलावा 2000 में मुरादाबाद में एक डॉक्टर और सर्राफ के घर में करोड़ों की डकैती और डॉक्टर को गोली मारकर घायल करने के मामले में भी पुलिस अनिल को तलश रही थी। इस घटना को 10 से 15 लोगों के साथ अंजाम दिया गया था।
इसके अलावा अनिल ने 2003 में मुरादाबाद हाइवे पर दिल्ली से मुरादाबाद की ओर जा रही कार को ऐक्सल मारकर रुकवा लिया जिसमें दो व्यापारी और तीन महिलाएं सवार थीं। बावरिया गैंग ने कार में सवार दोनो व्यक्तियों की गोली मारकर हत्या कर दी और महिलाओं के आभूषण लूट लिए थे।
हाईवे पर गैंगरेप मामले में थी तलाश
2004 में इसने मथुरा क्षेत्र में हाइवे पर बबूल का पेड़ गिराकर रोड जाम की एक बड़ी घटना को अंजाम दिया। इसमें अनिल ने अपने गैंग के साथ मिलकर पांच गाड़ियों ( 2 बस , 1 ट्रक और 3 कार) में लूट-पाट की और दो व्यक्तियों को गोली मार दी जिसमें से एक की मृत्यु हो गई।
पुलिस का दबाव बढ़ने पर राजस्थान भाग गया और इसने उसके बाद कई घटनाए भरतपुर , पुष्कर और अलवर में की। 2017 में थाना ज़ेवर क्षेत्र में संगीन घटना को अंजाम दिया जिसमें सिकंदरबाद रोड पर कार का टायर पंक्चर कर रोका गया और उसमें बैठी महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और एक आदमी की गोली मारकर हत्या कर लूटपाट की गई थी।
पुलिस ने इसके पास एक इनोवा कार सहित तमंचा और 312 बोर के कारतूस बरामद किए हैं।