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अर्पित पैलेस अग्निकांड: बौद्ध धार्मिक स्थलों का भ्रमण करने आईं म्यांमार की दो सैलानियों की मौत
Wed, 13 Feb 2019 04:40 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: राजेश सैनी
Updated Wed, 13 Feb 2019 04:40 AM IST
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karol bagh fire
- फोटो : अमर उजाला/एएनआई
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भारत के बौद्ध धार्मिक स्थलों का भ्रमण करने के लिए सोमवार को ही दिल्ली पहुंचे म्यांमार के सैलानियों के लिए मंगलवार बुरा दिन साबित हुआ। अर्पित पैलेस में आग के वक्त सैलानियों का ये समूह वहीं मौजूद था। इसमें छह महिलाएं और एक फोटोग्राफर था। आग में दो महिला सैलानियों की मौत हो गई है। जबकि एक फोटोग्राफर के शव की देर रात शिनाख्त हो गई। बोधगया और वाराणसी होकर यह सैलानी सोमवार को ही दिल्ली पहुंचे थे। दो दिन बाद इन्हें दिल्ली से आगरा के लिए निकलना था। ये जानकारी दिल्ली के ही बौद्घ भिक्षु ज्ञानदीप ने मंगलवार को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में दी।
उन्होंने बताया कि 67 वर्षीय हिला मेल और 45 वर्षीय म्यां हातवे की इस घटना में मौत हो गई है। जबकि 28 वर्षीय चां म्यां नायिन गंभीर रुप से घायल हुई हैं। नायिन का लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग में उपचार चल रहा है। उनके पैर और कूल्हे की हड्डी टूट गई है। इनके अलावा चार महिला सैलानी सुरक्षित हैं जिन्हें दमकल कर्मचारियों ने बचा लिया था। मंगलवार दोपहर को इन्हें करोल बाग के ही दूसरे होटल में रखा है। जबकि एक फोटोग्राफर का पता नहीं चला है।
ज्ञानदीप ने बताया कि अक्सर म्यामांर से भारत बौद्ध धर्म से जुड़े अनुयायी धार्मिक स्थलों के दर्शन करने पहुंचते हैं। सैलानियों का ये ग्रुप भी इसी उद्देश्य के साथ भारत आया था। चूंकि सैलानियों का ग्रुप उनसे लगातार संपर्क में था। इसलिए सुबह उनको फोन पर घटना की सूचना मिली और वे सीधे लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सुरक्षित चार महिला सैलानी और घायल काफी घबराईं हुई हैं, अब उन्हें म्यामांर बगैर यात्रा पूरी किए वापस जाना पड़ेगा।
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जिस फोटोग्राफर को लेकर दिनभर लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में बौद्घ भिक्षु ज्ञानदीप परेशान हो रहे थे। दरअसल उस फोटोग्राफर का शव आरएमएल अस्पताल के मोर्चरी में रखा था। मंगलवार देर रात तक जब पुलिस ने ज्ञानदीप ने संपर्क किया तो उन्हें एवं अन्य विदेशी महिला सैलानियों को लेकर मोर्चरी पहुंचे। इस दौरान महिलाओं ने फोटोग्राफर की पहचान 32 वर्षीय हतुमला सेइन के रुप में की। ये फोटोग्राफर इन सात महिलाओं के साथ भारत में बौद्घ धार्मिक स्थलों के भ्रमण के लिए आया था।
दिल्ली में कपड़ों का कारोबार करने चेन्नई से आते थे
उधर देर रात आरएमएल अस्पताल के मोर्चरी में दिल्ली पुलिस ने दो और मृतकों की शिनाख्त की। इनमें से एक नंद कुमार और दूसरा अरविंथ सुकुमरन के रुप में हुई। ये दोनों ही चेन्नई की एक कपड़ा कंपनी में नौकरी करते हैं। ये अक्सर दिल्ली आकर कपड़े का कारोबार करते हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों ही शख्स अक्सर अर्पित पैलेस होटल में रुकते थे। इनके साथ एक हरी नाम का दोस्त भी हर बार आता था, लेकिन इस बार किन्हीं कारणों के चलते वह दिल्ली नहीं आया। परिजनों को सूचना दे दी है। पुलिस के अनुसार बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि 67 वर्षीय हिला मेल और 45 वर्षीय म्यां हातवे की इस घटना में मौत हो गई है। जबकि 28 वर्षीय चां म्यां नायिन गंभीर रुप से घायल हुई हैं। नायिन का लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग में उपचार चल रहा है। उनके पैर और कूल्हे की हड्डी टूट गई है। इनके अलावा चार महिला सैलानी सुरक्षित हैं जिन्हें दमकल कर्मचारियों ने बचा लिया था। मंगलवार दोपहर को इन्हें करोल बाग के ही दूसरे होटल में रखा है। जबकि एक फोटोग्राफर का पता नहीं चला है।
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ज्ञानदीप ने बताया कि अक्सर म्यामांर से भारत बौद्ध धर्म से जुड़े अनुयायी धार्मिक स्थलों के दर्शन करने पहुंचते हैं। सैलानियों का ये ग्रुप भी इसी उद्देश्य के साथ भारत आया था। चूंकि सैलानियों का ग्रुप उनसे लगातार संपर्क में था। इसलिए सुबह उनको फोन पर घटना की सूचना मिली और वे सीधे लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सुरक्षित चार महिला सैलानी और घायल काफी घबराईं हुई हैं, अब उन्हें म्यामांर बगैर यात्रा पूरी किए वापस जाना पड़ेगा।
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जिस फोटोग्राफर को लेकर दिनभर लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में बौद्घ भिक्षु ज्ञानदीप परेशान हो रहे थे। दरअसल उस फोटोग्राफर का शव आरएमएल अस्पताल के मोर्चरी में रखा था। मंगलवार देर रात तक जब पुलिस ने ज्ञानदीप ने संपर्क किया तो उन्हें एवं अन्य विदेशी महिला सैलानियों को लेकर मोर्चरी पहुंचे। इस दौरान महिलाओं ने फोटोग्राफर की पहचान 32 वर्षीय हतुमला सेइन के रुप में की। ये फोटोग्राफर इन सात महिलाओं के साथ भारत में बौद्घ धार्मिक स्थलों के भ्रमण के लिए आया था।
दिल्ली में कपड़ों का कारोबार करने चेन्नई से आते थे
उधर देर रात आरएमएल अस्पताल के मोर्चरी में दिल्ली पुलिस ने दो और मृतकों की शिनाख्त की। इनमें से एक नंद कुमार और दूसरा अरविंथ सुकुमरन के रुप में हुई। ये दोनों ही चेन्नई की एक कपड़ा कंपनी में नौकरी करते हैं। ये अक्सर दिल्ली आकर कपड़े का कारोबार करते हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों ही शख्स अक्सर अर्पित पैलेस होटल में रुकते थे। इनके साथ एक हरी नाम का दोस्त भी हर बार आता था, लेकिन इस बार किन्हीं कारणों के चलते वह दिल्ली नहीं आया। परिजनों को सूचना दे दी है। पुलिस के अनुसार बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।