{"_id":"69dd0c8937afd56027035754","slug":"two-months-break-on-trains-passenger-problems-will-increase-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-132189-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: दो महीने ट्रेनों पर ब्रेक, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: दो महीने ट्रेनों पर ब्रेक, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर रेलवे ने परिचालन कारणों के चलते 14 अप्रैल से 30 जून तक कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने का फैसला लिया है। इस दौरान दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में चलने वाली स्थानीय और पैसेंजर ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगी।
रेलवे के अनुसार, गाजियाबाद, नई दिल्ली, शकूरबस्ती, दिल्ली सराय रोहिल्ला, फरीदाबाद और फरूखनगर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। खासतौर पर गाजियाबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-शकूरबस्ती, गढ़ी हरसरू-फरूखनगर और दिल्ली सराय रोहिल्ला-फरूखनगर रूट की ट्रेनें इस अवधि में बंद रहेंगी। रेलवे ने बताया कि यह फैसला ट्रैक मरम्मत, सिग्नल सिस्टम में सुधार और अन्य तकनीकी कार्यों के चलते लिया गया है। इन ट्रेनों के रद्द होने से रोजाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और आम यात्रियों को परेशानी होगी। उन्हें अब बस, मेट्रो या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन
नई दिल्ली। उत्तर रेलवे ने परिचालन कारणों के चलते 14 अप्रैल से 30 जून तक कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने का फैसला लिया है। इस दौरान दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में चलने वाली स्थानीय और पैसेंजर ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगी।
रेलवे के अनुसार, गाजियाबाद, नई दिल्ली, शकूरबस्ती, दिल्ली सराय रोहिल्ला, फरीदाबाद और फरूखनगर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। खासतौर पर गाजियाबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-शकूरबस्ती, गढ़ी हरसरू-फरूखनगर और दिल्ली सराय रोहिल्ला-फरूखनगर रूट की ट्रेनें इस अवधि में बंद रहेंगी। रेलवे ने बताया कि यह फैसला ट्रैक मरम्मत, सिग्नल सिस्टम में सुधार और अन्य तकनीकी कार्यों के चलते लिया गया है। इन ट्रेनों के रद्द होने से रोजाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और आम यात्रियों को परेशानी होगी। उन्हें अब बस, मेट्रो या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन