फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Two arrested for recruiting teachers fraudulently and sending notice to education department

रुपये लेकर बनाते सरकारी टीचर: 17 अभर्थियों की कराई नियुक्ति, शिक्षा विभाग को भेजा नोटिस; दो आरोपी गिरफ्तार

Wed, 09 Jul 2025 05:38 PM IST
श्याम जी. माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा Published by: श्याम जी. Updated Wed, 09 Jul 2025 05:38 PM IST
सार

नोएडा एसटीएफ ने फर्जी शिक्षक भर्ती और अवैध वसूली करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को प्रयागराज से गिरफ्तार किया। उनके पास से फर्जी दस्तावेज, मोहरें और मोबाइल बरामद हुए। अफसरों ने बताया कि मुख्य आरोपी ने वर्ष 2016-17 की शिक्षक भर्ती में पैसे लेकर 17 अभ्यार्थियों को नियुक्त करा दिया था।

विज्ञापन
Two arrested for recruiting teachers fraudulently and sending notice to education department
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्पेशल टास्क फोर्स उत्तर प्रदेश की नोएडा यूनिट ने फर्जी तरीके से शिक्षकों की भर्ती कराने और शिक्षा विभाग को नोटिस भेजकर गोपनीय सूचना के नाम पर अवैध वसूली करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। टीम ने गिरोह के दो सदस्यों को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। उनके पास से तीन फर्जी मोहर, दो मोबाइल, एक टैब और विभिन्न अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किए दस्तावेज बरामद किए हैं। अफसरों ने बताया कि मुख्य आरोपी ने वर्ष 2016-17 की शिक्षक भर्ती में पैसे लेकर 17 अभ्यार्थियों को नियुक्त करा दिया था।

विज्ञापन


एसटीएफ नोएडा यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि कौशांबी के जिला विद्यालय निरीक्षक को यूपी एसटीएफ के एक अधिकारी की तरफ से नोटिस भेजा गया, जिसमें कुछ शिक्षकों की गोपनीय सूचना मांगी गई। पत्र भेजने के बाद कुछ लोग लगातार फोन कर दबाव बना रहे थे। सूचना मिलने पर एसटीएफ नोएडा टीम ने जांच शुरू की। 8 जुलाई को कुछ संदिग्ध के प्रयागराज में होने की सूचना मिली, जिस पर नोएडा यूनिट की टीम वहां पहुंची और फाफामऊ के एफ ब्लॉक से सड़क किनारे खड़े दो संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। 
विज्ञापन


उनकी पहचान बजरंगी लाल गुप्ता निवासी मिलन चौक शांतिपुरम फाफामऊ प्रयागराज और जयप्रकाश तिवारी निवासी फूलमामऊ चुरियानी फतेहपुर के रूप में हुई हैं। अफसरों ने बताया कि दोनों को कौशांबी के थाना मंझनपुर लाकर पूछताछ की गई। आरोपी बंजरगी लाल गुप्ता व जय प्रकाश तिवारी के पास फर्जी दस्तावेज बरामद हुए। उसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

फर्जी प्रमाण पत्र पर शिक्षक बना था बजरंगी
अफसरों ने बताया कि बजरंगी ने वर्ष 2012 में एमएड की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2013 में कौशांबी के राजकीय हाईस्कूल पलाना कछार में शिक्षक के पद पर भर्ती हो गया। शिकायत पर जांच में बजरंगी की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्र फर्जी मिले। शिक्षा विभाग ने उसे बर्खास्त कर दिया। इसके बाद से आरोपी ने फर्जीवाड़ा शुरू किया। लोगों को फर्जी नौकरी दिलाने व बर्खास्त शिक्षकों को बहाल कराने के नाम पर धन वसूली करने लगा।
 
17 अभ्यार्थियों की फर्जी नौकरी में जा चुका है जेल
आरोपी बजरंगी ने वर्ष 2016-17 की शिक्षक भर्ती में 17 अभ्यार्थियों से नौकरी लगवाने के नाम पर पैसा लिया। फिर फर्जी तरीके से उनकी नियुक्ति करा दी। खुलासा होने पर झांसी में केस दर्ज किए गए। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वो एसटीएफ व शिक्षा निदेशालय के नाम से बीएसए और डीआईओएस को नोटिस भेजकर अवैध उगाही करने लगा। पत्र बनाने का काम जय प्रकाश तिवारी करता था। 

चार शिक्षकों को बहाल कराने का कर रहा था प्रयास
अफसरों ने बताया कि एसटीएफ की जांच के बाद प्रयागराज के बीएसए ने फर्जी दस्तावेज का प्रयोग करने पर चार शिक्षक धीरेद्र कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार, अरविंद कुमार व मोहम्मद इदरीश की सेवा समाप्त कर दी थी। आरोपी बजरंगी लाल गुप्ता अपने साथी जय प्रकाश के साथ मिलकर चारों शिक्षकों के दस्तावेज सहीं दिखने का प्रयास किया। इसके लिए वीर बहादुर पूर्वाचल यूनिवर्सिटी जौनपुर से कूटरचित प्रमाण पत्र बनवा लिया। उसके आधार पर चारों शिक्षकों की बर्खास्तगी को निरस्त कराने का प्रयास कर रहा था।
 
बीएसए कार्यालय में टाइपिस्ट था जय प्रकाश तिवारी
आरोपी जय प्रकाश तिवारी के पिता फतेहपुर बीएसए कार्यालय में चालक थे। उस कारण कार्यालय के बाबू राजेश तिवारी से जान पहचान हो गई। कुछ दिन बाद राजेश तिवाी के साथ टाइपिस्ट का काम करने लगा। तभी उसकी मुलाकात आरोपी बजरंगी लाल गुप्ता से हुई और दोनों साथ काम करने लगे। बजरंगी के कहने पर जय प्रकाश विभिन्न अध्यापकों के फर्जी दस्तावेज व कार्यालय के फर्जी नोटिस बनाकर देता था। बजरंगी इन नोटिस को संबंधित को भेजता था। साथ ही विभागीय अफसरों को एसटीएफ व अन्य अफसरों के नाम से फोन करता था। आरोपी के पास से जौनपुर की यूनिवर्सिटी की मोहर बरामद हुई है। साथ ही प्रतापगढ़, भदोही, झांसी, कौशांबी में केस दर्ज हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed