फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   SIR Delhi: 5.45 lakh applications in four days; requests for corrections top the list

एसआईआर दिल्ली: चार दिन में 5.45 लाख आवेदन, संशोधन की मांग सबसे ज्यादा; 30 सितंबर तक कर सकते हैं दावे-आपत्ति

Sat, 05 Sep 2026 07:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 05 Sep 2026 07:21 AM IST
सार

इनमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की तुलना में मौजूदा मतदाता सूची में नाम, पता और अन्य विवरण में संशोधन कराने के लिए अधिक आवेदन आए हैं।

विज्ञापन
SIR Delhi: 5.45 lakh applications in four days; requests for corrections top the list
एसआईआर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे-आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होने के चार दिन में 5.45 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की तुलना में मौजूदा मतदाता सूची में नाम, पता और अन्य विवरण में संशोधन कराने के लिए अधिक आवेदन आए हैं।

विज्ञापन


मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, 31 अगस्त से शुरू हुई दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया में तीन सितंबर तक कुल 5,45,587 आवेदन मिले। इनमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए 2,25,586, मौजूदा प्रविष्टियों में संशोधन के लिए 2,67,032 और मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए 51,589 दावे शामिल हैं। विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों से संबंधित 1,380 आवेदन भी प्राप्त हुए हैं।
विज्ञापन


संशोधन के लिए मिले आवेदन नए मतदाताओं के नाम जोड़ने से करीब 41 हजार अधिक हैं। निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक, इस श्रेणी में मतदाता सूची में दर्ज नाम-पता या अन्य जानकारी में बदलाव के लिए आवेदन किया जाता है। शुरुआती आंकड़ों से संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में मतदाता मौजूदा रिकॉर्ड को दुरुस्त कराने की जरूरत महसूस कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिलेवार आंकड़ों में नाम, पता और अन्य विवरण में संशोधन के लिए पूर्वी दिल्ली 33,466 आवेदनों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 33,147, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 30,887, दक्षिणी दिल्ली में 26,650, पश्चिमी दिल्ली में 25,721 और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में 22,916 आवेदन मिले हैं।

नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के मामले में पश्चिमी दिल्ली 30,429 आवेदनों के साथ सबसे आगे है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 26,157, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 25,669, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में 22,959 और पूर्वी दिल्ली में 22,639 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

नाम हटाने के दावों में दक्षिण-पूर्व सबसे आगे : मतदाता सूची से नाम हटाने के दावों में दक्षिण-पूर्वी दिल्ली 14,670 मामलों के साथ पहले स्थान पर है। 

कई जगह एक-तिहाई से अधिक नाम बाहर
दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान जिन विधानसभा क्षेत्रों में औसत मतदान 60 प्रतिशत से कम रहा था, उनमें से अधिकतर में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। 

आंकड़ों के मुताबिक, तुगलकाबाद में विधानसभा चुनाव में 55.80 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि एसआईआर में 47.85 प्रतिशत नाम बाहर हुए। आरके पुरम में 54.01 प्रतिशत मतदान के मुकाबले 44.46 प्रतिशत, ओखला में 54.90 प्रतिशत के मुकाबले 45.32 प्रतिशत और कस्तूरबा नगर में 54.10 प्रतिशत मतदान के मुकाबले 44.03 प्रतिशत नाम बाहर हुए। इसी तरह कालकाजी में 54.59 प्रतिशत मतदान और 42.80 प्रतिशत, महरौली में 53.04 प्रतिशत और 41.06 प्रतिशत, करोल बाग में 54.55 प्रतिशत और 40.42 प्रतिशत व मालवीय नगर में 53.04 प्रतिशत मतदान के मुकाबले 38.65 प्रतिशत नाम बाहर हुए।

नई दिल्ली में 56.41 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि बाहर हुए नामों का प्रतिशत 41.76 रहा। जंगपुरा में 57.42 प्रतिशत मतदान के मुकाबले 41.53 प्रतिशत, मॉडल टाउन में 53.40 प्रतिशत के मुकाबले 37.20 प्रतिशत, चांदनी चौक में 55.96 प्रतिशत के मुकाबले 38.99 प्रतिशत और वजीरपुर में 55.65 प्रतिशत मतदान के मुकाबले 37.22 प्रतिशत नाम बाहर हुए। इसकी अगली कड़ी में ग्रेटर कैलाश में 54.50 प्रतिशत मतदान और 35.03 प्रतिशत, अंबेडकर नगर में 59.47 प्रतिशत और 39.53 प्रतिशत, संगम विहार में 60.80 प्रतिशत और 40.77 प्रतिशत, बुराड़ी में 59.48 प्रतिशत और 39.36 प्रतिशत व पटपड़गंज में 60.70 प्रतिशत मतदान के मुकाबले 40.23 प्रतिशत नाम बाहर हुए।


रिठाला में 57.88 प्रतिशत मतदान के मुकाबले 36.37 प्रतिशत, तिमारपुर में 55.90 प्रतिशत के मुकाबले 33.72 प्रतिशत, देवली में 59.57 प्रतिशत के मुकाबले 37.38 प्रतिशत और गांधी नगर में 61.01 प्रतिशत मतदान के मुकाबले 38.54 प्रतिशत नाम बाहर हुए। हालांकि इन आंकड़ों से सीधे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कम मतदान और नाम कटने का आपस में कोई कारणात्मक संबंध है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed