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ढाई महीने की जिंदगी में चार-पांच बार बिकी दुधमुही बच्ची, पिता सहित पांच लोग गिरफ्तार
Thu, 13 Aug 2020 06:07 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Thu, 13 Aug 2020 06:07 PM IST
सार
- जब पिता का दिल पसीजा तो उसने ही लगाई बेटी को बचाने की गुहार
- दिल्ली पुलिस और दिल्ली महिला आयोग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर बेटी को बचाया
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Swati Maliwal, Delhi Women Commission
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने बेटियों को पिता की संपत्ति में बराबरी का हक भले ही दे दिया हो, लेकिन समाज के कुछ लोग उसे आज भी अपना समझने को तैयार नहीं हैं। कुछ लोगों की इसी तरह की विकृत सोच का परिणाम रहा कि एक ढाई महीने की दुधमुही बच्ची इतनी छोटी सी जिंदगी में चार से पांच बार बिकती रही और उसे बचाने वाला कोई नहीं आया।
अंत में बच्ची के पिता की पहल के बाद दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस की मदद से इस बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। घटना से जुड़े सभी पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक अमनप्रीत नाम के एक व्यक्ति ने बुधवार को महिला पंचायत की एक सदस्य को इस बात की जानकारी दी कि उसकी बेटी को बेच दिया गया है। वह पहले ही दो बेटियों का पिता है और पिछले दिनों उसे तीसरी बेटी भी पैदा हुई। पालन-पोषण में असमर्थ होने के कारण उसने अपनी इस नवजात बेटी को पालने के लिए एक महिला मनीषा को दे दी थी।
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अमनप्रीत ने आरोप लगाया कि उस महिला ने उसकी बेटी को किसी अन्य को बेच दिया है। उसने अपनी बेटी को बचाने की गुहार लगाई। (हालांकि, बाद में जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि अमनप्रीत ने भी अपनी बेटी का सौदा किया था और उसने 40 हजार रुपये में बेटी को मनीषा को बेच दिया था।)
इस बात की जानकारी मिलते ही महिला पंचायत के सदस्यों ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली महिला आयोग से संपर्क किया और इस बच्ची को बचाने का अभियान शुरू किया। बुधवार देर रात रेस्क्यू टीम सबसे पहले जाफराबाद इलाके में उस जगह पहुंची जहां मनीषा के होने की संभावना थी। लेकिन टीम को मनीषा मौके पर नहीं मिली। तब अमनप्रीत ने उससे फोन पर संपर्क किया तो उसने बताया कि उसने बच्ची को किसी अन्य महिला को दे दिया है।
जांच में पता चला कि मनीषा ने बच्ची को इंदु नाम की एक अन्य महिला को दे दिया है। जब जांच टीम इंदु के घर मादीपुर पहुंची, तो उसने बताया कि उसने भी बच्ची को एक अन्य महिला राधा को बेच दिया है जो शकूरपुर इलाके में रहती है। जब पुलिस की टीम शकूर पुर पहुंची तब उसने यह जानकारी दी कि उसने बच्ची को चावड़ी बाज़ार में रहने वाली अपनी एक बहन को दे दिया है।
जब पुलिस की टीम चावड़ी बाजार पहुंची तो उसे यह पता चला कि बच्ची को वहां भी नहीं रखा गया था, बल्कि उसे त्रिलोकपुरी में एक जानकार के घर छोड़ दिया गया है। पुलिस टीम ने पते की जानकारी लेकर लगातार छापेमारी की और आखिरकार गुरुवार सुबह उसे सकुशल बरामद कर लिया गया।
दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक बच्ची को इस तरह बार-बार बेचा गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकना उनकी पहली प्राथमिकता है। दिल्ली पुलिस के सहयोग के कारण इस बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया है। अब बच्ची के पुनर्वास की कोशिश की जा रही है।
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अंत में बच्ची के पिता की पहल के बाद दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस की मदद से इस बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। घटना से जुड़े सभी पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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जानकारी के मुताबिक अमनप्रीत नाम के एक व्यक्ति ने बुधवार को महिला पंचायत की एक सदस्य को इस बात की जानकारी दी कि उसकी बेटी को बेच दिया गया है। वह पहले ही दो बेटियों का पिता है और पिछले दिनों उसे तीसरी बेटी भी पैदा हुई। पालन-पोषण में असमर्थ होने के कारण उसने अपनी इस नवजात बेटी को पालने के लिए एक महिला मनीषा को दे दी थी।
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अमनप्रीत ने आरोप लगाया कि उस महिला ने उसकी बेटी को किसी अन्य को बेच दिया है। उसने अपनी बेटी को बचाने की गुहार लगाई। (हालांकि, बाद में जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि अमनप्रीत ने भी अपनी बेटी का सौदा किया था और उसने 40 हजार रुपये में बेटी को मनीषा को बेच दिया था।)
इस बात की जानकारी मिलते ही महिला पंचायत के सदस्यों ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली महिला आयोग से संपर्क किया और इस बच्ची को बचाने का अभियान शुरू किया। बुधवार देर रात रेस्क्यू टीम सबसे पहले जाफराबाद इलाके में उस जगह पहुंची जहां मनीषा के होने की संभावना थी। लेकिन टीम को मनीषा मौके पर नहीं मिली। तब अमनप्रीत ने उससे फोन पर संपर्क किया तो उसने बताया कि उसने बच्ची को किसी अन्य महिला को दे दिया है।
जांच में पता चला कि मनीषा ने बच्ची को इंदु नाम की एक अन्य महिला को दे दिया है। जब जांच टीम इंदु के घर मादीपुर पहुंची, तो उसने बताया कि उसने भी बच्ची को एक अन्य महिला राधा को बेच दिया है जो शकूरपुर इलाके में रहती है। जब पुलिस की टीम शकूर पुर पहुंची तब उसने यह जानकारी दी कि उसने बच्ची को चावड़ी बाज़ार में रहने वाली अपनी एक बहन को दे दिया है।
जब पुलिस की टीम चावड़ी बाजार पहुंची तो उसे यह पता चला कि बच्ची को वहां भी नहीं रखा गया था, बल्कि उसे त्रिलोकपुरी में एक जानकार के घर छोड़ दिया गया है। पुलिस टीम ने पते की जानकारी लेकर लगातार छापेमारी की और आखिरकार गुरुवार सुबह उसे सकुशल बरामद कर लिया गया।
दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक बच्ची को इस तरह बार-बार बेचा गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकना उनकी पहली प्राथमिकता है। दिल्ली पुलिस के सहयोग के कारण इस बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया है। अब बच्ची के पुनर्वास की कोशिश की जा रही है।