Delhi: जामिया के तीन छात्र निष्कासित 12 निलंबित, 2022 में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई थी मारपीट और गोलीबारी
तीन छात्रों को निष्कासित और 12 को निलंबित करने का फैसला लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिन तीन छात्रों को निष्कासित किया है, वे अगले पांच साल तक कैंपस में नहीं आ सकेंगे।
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जामिया ने 2022 में कैंपस में मेवात और पश्चिमी यूपी ग्रुप के छात्रों के बीच मारपीट मामले में 15 छात्रों पर कार्रवाई की है। इनमें से तीन छात्रों को निष्कासित और 12 को निलंबित करने का फैसला लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिन तीन छात्रों को निष्कासित किया है, वे अगले पांच साल तक कैंपस में नहीं आ सकेंगे। हालांकि, छात्रों के भविष्य को देखते हुए उनको परीक्षा देने की अनुमति दी गई है, लेकिन उसके बाद उन्हें जामिया के किसी भी प्रोग्राम या पाठ्यक्रम में दाखिला नहीं दिया जाएगा।
जामिया के रजिस्ट्रार प्रोफेसर नाजिम हुसैन अल जाफरी ने बताया कि कैंपस में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह मामला एक मिसाल के तौर पर लिया जाना चाहिए। छात्रों को कमेटी के समक्ष अपनी बात रखनी थी, लेकिन कुछ ने वो भी नहीं किया। छात्रों के गलत आचरण के तहत कम या ज्यादा कार्रवाई हुई है। हालांकि, पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए परीक्षा की अनुमति भी दी गयी है, जिसमें निष्कासन, कैंपस प्रतिबंध, छात्रावास में रहने की जगह नहीं देने और छात्र की भागीदारी के आधार पर अच्छे आचरण का बांड प्रस्तुत करने के लिए मौद्रिक मुआवजा आदि शामिल है। सितंबर 2022 को मेवात और पश्चिमी यूपी ग्रुप के छात्रों के बीच कैंपस से लेकर सड़कों तक मारपीट हुई थी। बाद में गोली भी चली थी। विश्वविद्यालय ने शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को खराब करने के लिए कई छात्रों को निलंबित करने का फैसला लिया है।
इन छात्रों पर कार्रवाई:
मुजीबउर रहमान, सलमान खुर्शीद, सलीम सैफी, मोहम्मद फैजल, नोमन, अब्दुल हनन, मेवात निवासी छात्र नजीम खान, नसरूला अंसारी, साहिल, सुहैल, मोमिन खान, अबरार अहमद, सोहेब चौधरी, आसिफ अली