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दिवाली : मेड इन चाइना की फूली सांस, इतना हुआ चीनियों को घाटा...

Sun, 15 Oct 2017 03:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sun, 15 Oct 2017 03:13 PM IST
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this diwali Chinese market gone down
दिवाली - फोटो : अमर उजाला

धनतेरस से दो दिन दिन पहले चीन के सामानों का बाजार हांफता नजर आ रहा है। इस सीजन में फरीदाबाद का चाइना बाजार 150 करोड़ रुपये तक सीमित होकर रह गया है। गत वर्ष यह बाजार 250 करोड़ का था। ग्राहक वर्ग मेड इन इंडिया और मेड इन इंडिया का टैग देखकर खरीदारी कर रहे हैं। जहां टैग नजर आ रहा है, वहां पर व्यापारियों से पूछ रहे हैं कि ये चाइना निर्मित तो नहीं है। इस बार भी चाइना वस्तुओं के खिलाफ माहौल नजर आ रहा है, उसके बावजूद मांग बनी हुई है।

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चीन के सामानों में सबसे अधिक खिलौने, गिफ्ट आइटम, सजावटी सामान, इलेक्ट्रिकल सामान बेचा जाता है, लेकिन इस बार दुकानदारों ने इन सामानों से दूरी बना ली है। इस बार हिस्सेदारी का प्रतिशत घटकर 40 प्रतिशत रह गया है।
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दरअसल, गत वर्ष भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ी तनातनी के बीच चीन का खुलकर पाकिस्तान के समर्थन में आना भारतीयों को रास नहीं आया था। जिससे चीन का विरोध लगातार जारी है। इस बार स्वदेशी जागरण मंच ने मोर्चा संभाल रखा है। हर दुकान एवं हर घर तक पहुंच बनाकर इसके बारे में समझाया जा रहा है। लेकिन इससे 10 से 15 प्रतिशत असर देखा जा रहा है।

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बाजार में नजर आ रही मिट्टी से बनी मूर्तियां 

this diwali Chinese market gone down
दिवाली - फोटो : अमर उजाला

बाजार में मिट्टी के दीपों की खरीदारी जोरों पर है। पहले मार्केट नंबर एक और ओल्ड फरीदाबाद बाजार  में बड़ी मात्रा में चीन निर्मित प्लास्टिक की मूर्तियां आती थी। इस बार व्यापारियों ने भारत में बनी मिट्टी की मूर्तियों को खरीदा है। ग्राहकों द्वारा मिट्टी की गणेश, लक्ष्मी एवं कुबेर की प्रतिमा को खरीदा जा रहा है। मिट्टी की मूर्तियां 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक में मिल रही है। 
 
सजावटी सामान में चीन की वस्तुओं की मांग 
चाइनीज उत्पादों के खिलाफ बाजार में माहौल चल रहा है, लेकिन सजावटी सामान में चाइनीज सामानों की मांग बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि मांग पहले से कम जरूर हुई, लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। दिवाली पर्व को देखते हुए सोशल मीडिया पर स्वदेशी की हवा चल रही है, ऐसे में कई लोगों ने दूरी बना ली है। चाइनीज लड़ियां लोग अभी भी खरीद रहे हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि जिस तरह से चाइना निर्मित सजावटी सामान आता है, वैसा मेड इन इंडिया के तहत तैयार नहीं हो रहा है। इस वजह से ग्राहक आकर्षित हैं।

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