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आतिशबाजी से भड़के बंदर, पथराव करके तोड़ीं गाड़ियां
अमर उजाला, साहिबाबाद
Updated Thu, 23 Oct 2014 12:40 AM IST
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बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। ज्ञान खंड-4 में धनतेरस की रात हुई आतिशबाजी से परेशान बंदरों ने बुधवार सुबह दो घंटे तक जमकर उत्पात मचाया। बंदरों ने पत्थर फेंककर कालोनी में खड़ी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। बंदरों के उत्पात से लोग घरों में कैद हो गए।
ज्ञान खंड-4 में बंदरों का जबरदस्त आतंक है। मंगलवार को धनतेरस पर लोगों ने आतिशबाजी की। आतिशबाजी से बंदर घबरा गए। बुधवार सुबह बंदरों ने सुबह 5 बजे उत्पात मचाना शुरू कर दिया।
बंदरों का एक झुंड फ्लैट संख्या 81 बी की छत पर चढ़ गया। बंदर चीखने लगे और बंदरों ने छत पर रखे पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। बंदरों का आतंक देख लोग डर गए और घरों में कैद हो गए।
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बंदरों द्वारा फेंके गए पत्थरों से कालोनी में खड़ी गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि दिवाली में होने वाले पटाखों के शोर से बंदर काफी परेशान हो जाते हैं। उसी का नतीजा है कि बंदरों ने कार को क्षति पहुंचाई।
वन विभाग के अधिकारी का कहना है कि दिवाली के बाद जीडीए के सहयोग से बंदरों को पड़ने की मुहिम शुरू की जाएगी। जिससे लोगों को बंदरों के आतंक से छुटकारा मिल सके।
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ज्ञान खंड-4 में बंदरों का जबरदस्त आतंक है। मंगलवार को धनतेरस पर लोगों ने आतिशबाजी की। आतिशबाजी से बंदर घबरा गए। बुधवार सुबह बंदरों ने सुबह 5 बजे उत्पात मचाना शुरू कर दिया।
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बंदरों का एक झुंड फ्लैट संख्या 81 बी की छत पर चढ़ गया। बंदर चीखने लगे और बंदरों ने छत पर रखे पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। बंदरों का आतंक देख लोग डर गए और घरों में कैद हो गए।
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बंदरों द्वारा फेंके गए पत्थरों से कालोनी में खड़ी गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि दिवाली में होने वाले पटाखों के शोर से बंदर काफी परेशान हो जाते हैं। उसी का नतीजा है कि बंदरों ने कार को क्षति पहुंचाई।
वन विभाग के अधिकारी का कहना है कि दिवाली के बाद जीडीए के सहयोग से बंदरों को पड़ने की मुहिम शुरू की जाएगी। जिससे लोगों को बंदरों के आतंक से छुटकारा मिल सके।