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'पानी की कमी पर स्कूल बंद करना सरकार का गलत फैसला'

Sun, 21 Feb 2016 10:35 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 21 Feb 2016 10:35 PM IST
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The government's wrong decision to close the school on Water Scarcity

वार्षिक परीक्षाओं से पहले दिल्ली सरकार की ओर से पानी की कमी बताकर स्कूल बंद करने के फैसले का गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (जीएसटीए) ने गलत फैसला बताया है।

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एसोसिएशन का कहना है कि सरकार का यह फैसला समझ से परे है। क्योंकि ज्यादातर स्कूलों में बोरवेल की सुविधा है और आरओ सिस्टम लगा है, 20 फीसदी स्कूल तो ऐसे हैं जहां अभी तक जल बोर्ड का कनेक्शन भी नहीं है।
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जीएसटीए अध्यक्ष अध्यक्ष सीपी सिंह के मुताबिक सरकार का परीक्षाओं से पहले स्कूल बंद करना छात्रों के हित में नहीं है। पहले सरकार बेवजह स्कूल बंद कर देती है फिर बाद में क्लासेज कम चलने का हवाला देकर शिक्षकों को नोटिस भेजती है।
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स्कूल में पानी बोतल पर नहीं पाबंदी

The government's wrong decision to close the school on Water Scarcity

उनके मुताबिक इस समय जब परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं छात्रों के लिए एक-एक दिन स्कूल आना महत्वपूर्ण होता है। जीएसटीए के महासचिव अजयवीर यादव के मुताबिक सरकार का यह फैसला समझ से परे है।

जिस पानी की कमी बताकर स्कूल बंद कर रही है वहीं सरकार अभी तक 20 फीसदी स्कूलों में जल बोर्ड का कनेक्शन तक नहीं करवा पाई है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल में पानी की बोतल लेकर आने पर पाबंदी नहीं है। वह जिस तरह से घर रहकर पानी पीते उसी तरह वह पानी बॉटल में लेकर स्कूल आ सकते थे। स्कूल बंद करने की जरूरत नहीं थी।

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