फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Supreme Court grants interim bail to 97 prisoners of Agra Varanasi jails

आगरा-वाराणसी जेलों में बंद 97 कैदियों को मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

Wed, 08 Sep 2021 04:45 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Wed, 08 Sep 2021 04:45 PM IST
सार

20 साल से ज्यादा समय से बंद हैं ये कैदी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है कि 2018 की नीति के तहत अभी तक इन लोगों को रिहा क्यों नहीं किया गया। 

विज्ञापन
Supreme Court grants interim bail to 97 prisoners of Agra Varanasi jails
जेल (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा निर्णय दिया है जिससे कई कैदियों के परिवारों को राहत मिलेगी। कोर्ट ने आगरा और वाराणसी की जेलों में बंद ऐसे 97 कैदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है, जो 20 साल से अधिक की सजा काट चुके हैं। लेकिन इन्हें 2018 में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की तरफ से बनाई गई समय से पहले रिहाई नीति के तहत योग्य होने के बावजूद रिहा नहीं किया गया। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को इसके लिए तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का नोटिस भी दिया है।

विज्ञापन


जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ ने यह आदेश वकील ऋषि मल्होत्रा के माध्यम से दाखिल दो याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाओं में कहा गया था कि 2018 की नीति के तहत योग्य होने के बावजूद इन कैदियों को रिहा नहीं करना इन्हें ‘अवैध हिरासत’ में रखने जैसा है।
विज्ञापन


इस पर पीठ ने अपने आदेश में इन कैदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया। पीठ ने कहा कि ये याचिकाकर्ता 20 साल से अधिक समय जेल में काट चुके हैं, इसलिए उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाता है। इन कैदियों की अंतरिम जमानत की शर्तें निचली अदालत की तरफ से तय की जांएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


2021 में नीति में संशोधन को भी दी गई है चुनौती
याचिकाकर्ताओं ने याचिका में कहा कि संविधान के अनुच्छेद-161 के तहत राज्य सरकार की 2018 की नीति के अनुसार दोनों याचिकाकर्ता रिहा होने के हकदार हैं। लेकिन राज्य सरकार ने उन जैसे कैदियों के अधिकारों को छीनने के लिए जुलाई 2021 में 2018 की नीति को संशोधित कर दिया। उन्होंने इस संशोधन को गलत बताते हुए इसे भी चुनौती दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed