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सुदीप ठाकुर की पुस्तक लाल श्याम शाह का विमोचन
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 13 Jan 2018 10:22 AM IST
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सुदीप ठाकुर की पुस्तक का विमोचन
- फोटो : कुमार संजय
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विश्व पुस्तक मेले के साहित्य मंच पर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के जीवन की कठिनाइयों और समाज की उपेक्षा को उजागर करने वाले तीन लेखकों की पुस्तकों का विमोचन किया गया। इनमें अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार सुदीप ठाकुर की पुस्तक लाल श्याम शाह, लेखक राजीव रंजन की पुस्तक दंत क्षेत्र और पत्रकार केवल कृष्ण की पुस्तक बघवा शामिल हैं।
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इस अवसर पर गांधीवादी चिंतक कुमार प्रशांत बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। वहीं अमर उजाला के समूह सलाहकार यशवंत व्यास और रूप सिंह चंदेल बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। कुमार प्रशांत ने मौके पर मौजूद पाठकों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के जीवन पर किताब लिखना बेहद सराहनीय प्रयास है।
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उन्होंने कहा कि असली आदिवासी गांधी थे, जिन्होंने हर स्थिति से जूझते हुए देश के विकास की राह नहीं छोड़ी। यशवंत व्यास ने कहा कि इन किताबों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के जीवन के बारे में लोग जान सकेंगे। उन्होंने इसे सार्थक पहल बताया और तीनों पुस्तकों की प्रशंसा की।
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सुदीप ठाकुर ने कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के दिग्गज लाल श्याम शाह के जीवन पर यह पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक में उन्होंने शाह के व्यक्तित्व के अनूठे पहलुओं को उजागर करने की कोशिश की है।
शाह ने आदिवासियों के विकास की लड़ाई में अपने राजीनीतिक करियर को चुटकी में त्याग दिया। शाह इतिहास में ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने आदिवासियों को समाज की मुख्य धारा में लाने की कोशिश की, लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनकी आवाज को दबा दिया गया। उन्होंने कई सालों की मेहनत के बाद यह पुस्तक लिखी है।
वहीं राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि वह बस्तर के दंतेवाड़ा के निवासी हैं। दंतेवाड़ा को वर्तमान में नक्सली क्षेत्र बोला जाता है और वहां के लोगों को शुरू से ही समाज की उपेक्षा का शिकार होना पड़ा है। समाज के इसी नजरिये में बदलाव लाने के लिए उन्होंने दंतेवाड़ा की जमीनी हकीकत को लोगों तक पहुंचाने के लिए इस पुस्तक का शीर्षक दंत क्षेत्र रखा।