स्कूलों में होंगे कृषि क्लब: छात्र अब पढ़ाई के साथ सीखेंगे खेती-किसानी के गुर, जैविक कृषि को दिया जाएगा बढ़ावा
शिक्षा निदेशालय के अनुसार इस पहल को पहले 29 स्कूलों में अमल में लाया जाएगा। जिसमें आईसीएआर की ओर से कृषि विकास और कृषि क्लबों में अलग-अलग गतिविधियों के बारे में एक सप्ताह का कैप्सूल कृषि पाठ्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
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राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र अब पढ़ाई के साथ-साथ खेती-किसानी के भी गुर भी सीखेंगे। स्कूलों में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लघु पाठ्यक्रम शुरूआत होने जा रही है। इसके लिए स्कूलों में कृषि क्लब स्थापित होंगे। इसमें छात्रों को जैविक खेती, उन्नत किस्मों के बीज की जानकारी, मौसम के अनुकूल खेती व इसके फायदे समेत कृषि से जुड़ी अन्य आवश्यक चीजों के बारे में बताया जाएगा। स्कूल गार्डन में ही खेती को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह पाठ्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू होगा। इसमें पांचवीं से आठवीं कक्षा के छात्र हिस्सा लेंगे।
यह पाठ्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) व शिक्षा निदेशालय के सहयोग से पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय के अनुसार इस पहल को पहले 29 स्कूलों में अमल में लाया जाएगा। जिसमें आईसीएआर की ओर से कृषि विकास और कृषि क्लबों में अलग-अलग गतिविधियों के बारे में एक सप्ताह का कैप्सूल कृषि पाठ्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आईसीएआर इस पाठ्यक्रम के लिए पांच स्कूलों को गोद भी लेगा। इस पाठ्यक्रम में प्रत्येक स्कूल के कृषि क्लब में छात्रों के साथ पांच शिक्षक शामिल होंगे। इनमें चार पीजीटी कृषि विषय के शिक्षक और एक उद्यानिकी का शिक्षा शामिल होगा। इस संबंध में संबंधित स्कूलों के स्कूल प्रमुखों और नोडल शिक्षकों की बैठक आठ नवंबर, 2023 को आईसीएआर द्वारा आयोजित की जाएगी।
कृषि का ज्ञान अब सिर्फ किताबों में नहीं
छात्र स्कूलों में गार्डन में होने वाली खेती के प्रशिक्षण के दौरान खुद ही खेती की देख-रेख भी करेंगे। ऐसे में कृषि का ज्ञान सिर्फ अब किताबों तक ही सीमित नहीं होगा, इसे धरातल पर भी उतारा जाएगा। इसमें छात्रों को फसलों की किस्म, उसके प्रकार, किस मौसम में कौन सी फसल उगाई जाती है से संबंधित विषय के बारे में जानकारियां दी जाएंगी।
इंटर्नशिप करने का मिलेगा मौका
शिक्षा निदेशालय में व्यावसायिक शिक्षा शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कृषि क्लब का उद्देश्य प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तरों पर कृषि को एक विषय के रूप में मुख्यधारा में लाना और कृषि शिक्षा के बारे में जागरूकता प्रदान करना। इससे छात्रों को भी कृषि में अपना भविष्य बनाने के अवसर मिलेंगे। इसे लेकर कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में इंटर्नशिप कार्यक्रम भी शामिल होगा। जहां छात्र कृषि अनुसंधान में इंटर्नशिप कर सकते हैं।
स्कूलों में शुरू होंगे कृषि क्लब
इसे पायलट प्रोजेक्ट के तहत 29 स्कूलों में कृषि क्लब स्थापित होंगे। इसमें पूर्वी व उत्तर-पूर्वी दिल्ली के तीन स्कूल, उत्तर दिल्ली के दो व उत्तर-पश्चिम दिल्ली के पांच, पश्चिमी दिल्ली और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पांच, दक्षिण व दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के दो-दो, नई दिल्ली व मध्य दिल्ली के एक-एक स्कूल शामिल हैं। वहीं, आईसीएआर ने दक्षिण पश्चिम-ए के स्थित जीबीएसएसएस पूसा, एसकेवी पूसा, जीबीएसएसएस-नारायणा व एसबीवी-नारायणा स्कूल को गोद लिया है।