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शिक्षकों के 264 घंटे बर्बाद होने से बचाएगा छात्र का बनाया ऐप

Sat, 06 Feb 2016 01:47 PM IST
Updated Sat, 06 Feb 2016 01:47 PM IST
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student made an app tha will save teachers time to maintain mid day meal record in haryana

अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर के दौरे के बाद से मशहूर हुए कार्टरपुरी गांव के छात्रों ने मिड डे मील ऐप बनाकर हरियाणा सरकार को तोहफा दिया है। इस गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के छात्रों का आइडिया सरकारी स्कूलों के लिए वरदान बनेगा।

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ऐप की मदद से एक शिक्षक के मूल्यावान 264 घंटे बचेंगे। एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में छात्रों के इस ऐप को इनोवेटिव आइडिया के लिए शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने पुरस्कृत किया।
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हरियाणा के स्कूलों में मिड डे मील दिया जाता है। इसके लिए एक शिक्षक की ड्यूटी रजिस्टर व अन्य खर्च मेंटेन करने की होती है। जिसमें आमतौर पर एक घंटा समय लगता है।
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प्रदेश के 14554 स्कूलों में यह कार्य महीने में 22 दिन चलता है। जिसकी वजह से एक शिक्षक के साल भर में इस कार्य पर 264 घंटे खर्च होते हैं।

जबकि इस ऐप की मदद से महज पांच से दस मिनट में पूरा काम हो जाता है और इसका रिकॉर्ड स्कूल से मुख्यालय के अधिकारी तक पहुंच जाता है।

तीन महीने की मेहनत के बाद तैयार हुआ ऐप

student made an app tha will save teachers time to maintain mid day meal record in haryana

कार्टरपुरी स्कूल के नौवीं कक्षा के छात्र इंद्रजीत कुमार, शिवा मिश्रा, बलराम बघेल, अमित मौर्या ने शिक्षक मनोज लाकड़ा और लर्न लिंक्स फाउंडेशन के रिसोर्स पर्सन फूल कुमार की देखरेख में इसे तैयार किया है।

मनोज लाकड़ा का कहना है कि छात्रों को प्रोजेक्ट वर्क के तहत काम करना था, जिसमें इन्होंने ऐप बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए विभाग के आला अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने इसकी अनुमति दे दी।

करीब तीन महीने की मेहनत के बाद यह ऐप तैयार हुआ। जब इसे आरटीई अधिकारी के समाने प्रस्तुत किया गया तो उन्होंने प्रशंसा करते हुए इसे स्वीकृत कर लिया और पूरे प्रदेश में अब चालू है।

लर्न लिंक्स फाउंडेशन के फूल कुमार का कहना है कि यह अब गूगल प्ले स्टोर पर है। इसे कोई भी स्कूल डाउनलोड कर काम कर सकता है।

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